सीतामढ़ी। आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational District Programme) के तहत सीतामढ़ी जिले में विकास से जुड़े विभिन्न संकेतकों और योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। इसको लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव सह सीतामढ़ी के केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने की।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी सह आकांक्षी जिला कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी संतोष कुमार सुमन, डायरेक्टर DRDA, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, सहायक योजना पदाधिकारी अमित कुमार, डीपीओ ICDS, डीपीएम स्वास्थ्य एवं जीविका, एलडीएम बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक और बैरगनिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार गौड़ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा पीरामल फाउंडेशन की ओर से जिला स्तर पर प्रभाकर कुमार, रोहित कुमार और अभिषेक कुमार तथा गांधी फेलो विक्रांत और रुचि ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक में स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, वित्तीय समावेशन, शिक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़े प्रमुख विकास संकेतकों की विभागवार समीक्षा की गई। केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी ने सभी विभागों से उनके स्तर पर किए जा रहे कार्यों और निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने लक्ष्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के साथ ही आंकड़ों की गुणवत्ता और उनके नियमित अपडेट पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य और पोषण संकेतकों की समीक्षा
स्वास्थ्य क्षेत्र की समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों को संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले में टीबी (TB) मामलों की पहचान और उनसे जुड़े केस डेटा की भी समीक्षा की गई। टीबी मरीजों की समय पर पहचान, उपचार तथा संबंधित आंकड़ों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
ICDS विभाग को Delivery Survey में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं से संबंधित आंकड़ों के संग्रह और सत्यापन की प्रक्रिया में बेहतर विभागीय समन्वय स्थापित करना है।
इसके साथ ही SAM और MAM श्रेणी के बच्चों की पहचान, उनकी निगरानी तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही पोषण सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों (AWW Buildings) की स्थिति पर चर्चा करते हुए जरूरत के अनुसार संबंधित स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
वहीं, Labour Room में NQAS (National Quality Assurance Standards) के तहत चल रही तैयारियों और गुणवत्ता सुधार की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया।
कृषि में माइक्रो इरिगेशन और फसल विविधीकरण पर जोर
कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान जिले में Micro Irrigation को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को किसानों को सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में काम करने को कहा गया।
Agriculture Credit की स्थिति पर भी चर्चा की गई। बैठक में किसानों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने और अधिक से अधिक पात्र किसानों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की प्रगति की समीक्षा के दौरान केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को जिले में KCC से जुड़े लाभार्थियों की सूची प्राप्त कर उसका विस्तृत विश्लेषण करने का निर्देश दिया। साथ ही पात्र मामलों में KCC के One-Time Settlement (OTS) की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
कृषि में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए दलहन और High Value Crops की खेती को प्रोत्साहित करने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया गया। इसके अलावा किसानों के बीच Inter-cropping को बढ़ावा देने तथा इसके फायदों के बारे में जागरूकता फैलाने के साथ जरूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के अंत में कृषि विभाग से संबंधित डेटा एंट्री और आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के विभिन्न संकेतकों की वास्तविक प्रगति सही, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से दर्ज एवं प्रदर्शित हो।
