सीतामढ़ी, 27 अगस्त 2026। जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय स्थित विमर्श कक्ष में अभियोजन से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित रंजन, विधि शाखा के प्रभारी पदाधिकारी, जिला अभियोजन पदाधिकारी, प्रभारी लोक अभियोजक, सहायक लोक अभियोजक, विशेष लोक अभियोजक, पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य विधि पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने अभियोजन पदाधिकारियों को पुलिस पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया। इस दौरान स्पीडी ट्रायल से जुड़े मामलों और सामान्य वादों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
लंबित मामलों के निष्पादन की धीमी गति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी विधि पदाधिकारियों को स्पीडी ट्रायल से संबंधित मामलों का यथाशीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने तथा सामान्य मामलों के निष्पादन में भी तेजी लाने का निर्देश दिया।
अधिकाधिक मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने पर जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक वाद में राज्य का पक्ष मजबूती से रखा जाए, ताकि मामलों में अधिकाधिक दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सके। बैठक के दौरान दोषसिद्धि के मामलों की संख्या कम रहने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और अभियोजन अधिकारियों को अपने कार्यों में पर्याप्त सुधार लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगले माह प्रत्येक न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन मामलों में विचारण अंतिम चरण में है, उनमें गवाहों की गवाही समय पर पूरी कराई जाए। इसके बाद विचारण प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराकर न्यायालय के माध्यम से अभियुक्तों को जल्द सजा दिलाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएं।
थानेदारों के साथ मासिक बैठक करने के निर्देश
जिला लोक अभियोजन पदाधिकारी और अपर लोक अभियोजकों को निर्देश दिया गया कि वे सभी थानाध्यक्षों के साथ अभियोजन की मासिक समीक्षा बैठक करें। इसका उद्देश्य न्यायालय में प्रस्तुत की जाने वाली केस डायरी और चार्जशीट की गुणवत्ता में सुधार करना है।
जिलाधिकारी ने पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि मजबूत अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण केस डायरी से न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
गंभीर आपराधिक मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश
बैठक में पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम से संबंधित अभियोजन और अनुसंधान मामलों पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने उत्पाद अधिनियम के तहत लंबित वादों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित कराने का निर्देश दिया।
इसके अलावा एक्साइज एक्ट, पॉक्सो एक्ट, NDPS एक्ट, SC/ST एक्ट, हत्या, डकैती, बलात्कार और शस्त्र अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण एवं गंभीर मामलों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने कहा कि पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी संबंधित पक्षों को समन्वय के साथ काम करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
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