सीतामढ़ी, 16 सितंबर 2026। जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने बुधवार को सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), डुमरा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं और आधारभूत संसाधनों का जायजा लिया। साथ ही विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन से जानकारी ली।

जिले में सरकार की ओर से 17 मॉडल स्कूलों का निर्माण कराया गया है। इन स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण और जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला, पुस्तकालय सहित अन्य शैक्षणिक संसाधन विकसित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन का अवसर मिल सके।

कक्षाओं से लेकर स्मार्ट क्लास और प्रयोगशाला का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल शिक्षण व्यवस्था और पुस्तकालय का अवलोकन किया। उन्होंने उपलब्ध उपकरणों एवं संसाधनों के इस्तेमाल की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

इसके साथ ही विद्यालय परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली व्यवस्था और विद्यार्थियों को उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।

बच्चों के बीच बैठकर लिया पढ़ाई का फीडबैक

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कक्षा में पहुंचे और छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और पढ़ाई के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

इस दौरान जिलाधिकारी स्वयं विद्यार्थियों के बीच बेंच पर बैठकर कक्षा में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों को करीब से समझते नजर आए। जिलाधिकारी के इस सहज संवाद से विद्यार्थी भी उत्साहित दिखे।

‘मॉडल स्कूल का उद्देश्य सिर्फ बेहतर भवन और संसाधन नहीं’

जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने कहा कि मॉडल स्कूलों का उद्देश्य केवल बेहतर भवन और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सीखने के लिए अनुकूल वातावरण देना भी है।

उन्होंने कहा कि स्कूल में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा और क्षमता विकसित करने का अवसर मिल सके। शिक्षकों को बच्चों में जिज्ञासा की भावना को बढ़ावा देने के साथ उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

शैक्षणिक प्रगति और सर्वांगीण विकास पर जोर

जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर लगातार ध्यान देने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आधारभूत संरचना के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षक और कर्मी मौजूद रहे।

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