माननीय मुख्यमंत्री महोदय
MYogiAdityanath जी
उत्तर प्रदेश सरकार
सादर निवेदन है कि दिनांक 14 मार्च 2026 को आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा के हिंदी खंड में एक अत्यंत आपत्तिजनक एवं संवेदनशील प्रश्न पूछा गया।
प्रश्न: “अवसर के अनुसार बदल जाने वाले के लिए एक शब्द लिखिए।”
विकल्प:
- पंडित
- अवसरवादी
- निष्कपट
- सदाचारी
इस प्रश्न की संरचना बेहद चिंताजनक है। “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” का सही उत्तर “अवसरवादी” होता है, लेकिन विकल्पों में “पंडित” शब्द को शामिल करना गंभीर आपत्ति का विषय है। “पंडित” शब्द भारतीय समाज में विद्वता, ज्ञान और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। इसे अवसरवाद जैसे नकारात्मक अर्थ के साथ जोड़ना न केवल अनुचित है बल्कि सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाला भी है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि सरकारी परीक्षाओं में ही इस प्रकार की शब्दावली और संकेत आने लगें, तो यह समाज में अनावश्यक जातीय कटुता और विभाजन को बढ़ावा दे सकता है। कई लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या आज के माहौल में जातीय पूर्वाग्रह और नफरत इतनी बढ़ गई है कि अब इस तरह के प्रश्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं तक पहुँच रहे हैं?
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि
- इस प्रश्न की तत्काल निष्पक्ष जाँच कराई जाए।
- प्रश्न पत्र तैयार करने वाली कमेटी के जिम्मेदार व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
- इस प्रश्न को आधिकारिक रूप से अमान्य/सुधारित किया जाए।
- भविष्य में परीक्षा पत्र तैयार करते समय संवेदनशीलता, निष्पक्षता और सामाजिक सद्भाव का विशेष ध्यान रखा जाए।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाएँ लाखों युवाओं की आशा और विश्वास से जुड़ी होती हैं। इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि इन परीक्षाओं में सामाजिक सम्मान और संवेदनशीलता की मर्यादा पूरी तरह कायम रहे।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाएगी।
धन्यवाद।
शैलेन्द्र मिश्रा अध्यक्ष ब्राह्मण परिषद उत्तर प्रदेश
