सर्वोच्च जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखर पर यूट्यूबर द्वारा अश्लीलता: जैन समाज की आस्था पर प्रहार

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झारखंड के पवित्र तीर्थराज पारसनाथ पर्वत पर यूट्यूबर राज द्वारा अश्लील गाना फिल्माने की घटना ने जैन समाज में गहरा आक्रोश उत्पन्न किया है। यह घटना 12 जनवरी 2025 को घटी, जब यूट्यूबर राज ने मासूम सिंह नाम की एक लड़की के साथ फूहड़ और अश्लील गाने की शूटिंग कर इसे सोशल मीडिया पर प्रचारित किया। इस कृत्य को जैन धर्म और उनके पवित्र तीर्थ का अपमान माना जा रहा है।

जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखर का महत्व

पारसनाथ पर्वत, जिसे सम्मेद शिखर भी कहा जाता है, जैन धर्म के लिए सर्वोच्च तीर्थ स्थल है। यह वही स्थान है जहां 20 जैन तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया था। यह स्थान न केवल जैन समाज के लिए धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उनकी आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी है।

जैन धर्म के अनुयायियों के लिए यह पर्वत अत्यंत पवित्र है, और यहां पर किसी भी प्रकार की अशोभनीय गतिविधि को अस्वीकार्य माना जाता है।

घटना का विवरण

12 जनवरी 2025 को यूट्यूबर राज ने अपने यूट्यूब चैनल “न्यू खोरथा वीडियो” पर एक गाना शूट किया। यह गाना विशेष रूप से निर्वाण टोंक पर फिल्माया गया था, जो जैन धर्म के तीर्थंकरों की मोक्ष भूमि है। इस गाने में अश्लीलता और फूहड़ता को दिखाया गया, जिससे जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे जैन समाज में गहरा रोष उत्पन्न हुआ।

विश्व जैन संगठन की प्रतिक्रिया

17 जनवरी 2025 को विश्व जैन संगठन ने इस घटना पर एक विशेष सभा का आयोजन किया। इस सभा में यूट्यूबर राज के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संजय जैन ने बताया कि यूट्यूबर राज के इस कृत्य ने न केवल जैन समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि उनके पवित्र तीर्थ का भी अपमान किया है।

कानूनी कार्रवाई और नोटिस

विश्व जैन संगठन ने यूट्यूबर राज को तुरंत वीडियो डिलीट करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का नोटिस जारी किया। इसके अलावा, साइबर क्राइम में शिकायत क्रमांक 20801250004460 दर्ज कराई गई। यह शिकायत दिल्ली पुलिस के शाहदरा जिले द्वारा स्वीकार की गई है।

संगठन ने यह भी घोषणा की है कि इस मामले में देश के सभी राज्यों में पुलिस शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

झारखंड सरकार और प्रशासन से अपील

संजय जैन ने झारखंड सरकार और गिरिडीह पुलिस प्रशासन से इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र और झारखंड सरकार पहले ही पारसनाथ पर्वत को जैनों का पवित्र तीर्थ स्थल घोषित कर चुकी है।

इसलिए, इस पवित्र स्थान पर किसी भी प्रकार की मौज-मस्ती या अशोभनीय गतिविधि को सख्ती से रोका जाना चाहिए।

जैन समाज की एकजुटता

इस घटना ने जैन समाज को एकजुट कर दिया है। न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी जैन समुदाय ने इस घटना की निंदा की है। विश्व जैन संगठन की कनाडा शाखा ने भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई है।

संजय जैन ने कहा, “हम अपने तीर्थंकरों की मोक्ष भूमि का कभी भी अपमान स्वीकार नहीं कर सकते। यह हमारी आस्था और धार्मिक पहचान पर हमला है।”

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर जैन समाज और अन्य धर्मों के अनुयायियों ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की है। #RespectJainTirth और #BanObsceneContent जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

क्या कहता है कानून?

भारत में धार्मिक स्थलों पर अशोभनीय गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कानून हैं। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295A के तहत धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कृत्यों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।

साइबर क्राइम में दर्ज शिकायत के तहत, यूट्यूबर राज के खिलाफ IT Act की धारा 67 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है, जो अश्लील सामग्री के प्रसार से संबंधित है।

आगे की राह

जैन समाज ने इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने का संकल्प लिया है। संगठन ने प्रशासन से अपील की है कि पारसनाथ पर्वत पर किसी भी प्रकार की अशोभनीय गतिविधि को रोकने के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की जाए।

निष्कर्ष

पारसनाथ पर्वत पर यूट्यूबर राज द्वारा किए गए कृत्य ने न केवल जैन समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि यह एक पवित्र स्थल के अपमान का भी मामला है। जैन समाज ने इस घटना के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर काम करना होगा।

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