संपूर्णता अभियान 1.0 की ऐतिहासिक सफलता के बाद सीतामढ़ी में संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ
नीति आयोग (भारत सरकार) द्वारा संचालित संपूर्णता अभियान 1.0 में सीतामढ़ी जिले ने ऐतिहासिक सफलता अर्जित करते हुए जिला एवं प्रखंड स्तर पर निर्धारित सभी सूचकांकों में पूर्ण संतृप्तता हासिल की थी। जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय के कुशल नेतृत्व, विभिन्न विभागों के प्रभावी समन्वय तथा पीरामल फाउंडेशन के सशक्त तकनीकी सहयोग से सीतामढ़ी देश के अग्रणी जिलों में शामिल हुआ।
इसी क्रम में नीति आयोग (भारत सरकार) द्वारा संपूर्णता अभियान 2.0 की शुरुआत की गई, जिसका विधिवत शुभारंभ जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी श्री रिची पाण्डेय के द्वारा जिला स्थित परिचर्चा भवन में किया गया।
इस अवसर पर उपविकास आयुक्त संदीप कुमार, जिला योजना पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी (आकांक्षी जिला एवं प्रखंड) संतोष कुमार सुमन, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार, SSB के जिला कमांडेंट, स्वास्थ्य विभाग के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, शिक्षा, कृषि, ICDS, जीविका तथा पंचायती राज विभाग और पीरामल फाउंडेशन की ओर से जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार, रोहित कुमार, दुर्गा प्रसाद तथा गांधी फेलो विवेक कुमार, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग से प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारी के साथ अन्य विभागों के जिला और प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि नीति आयोग द्वारा देश के 112 आकांक्षी जिलों एवं 513 आकांक्षी प्रखंडों का चयन सामाजिक, आर्थिक एवं विकासात्मक सूचकांकों के आधार पर किया गया है। सरकार की अपेक्षा है कि अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, कौशल विकास सहित सभी आवश्यक सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएं। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला एवं प्रखंड की श्रेणी से बाहर निकलने के लिए नवाचार, मजबूत रणनीति, सतत निगरानी एवं लक्ष्य आधारित कार्ययोजना के साथ कार्य करना आवश्यक है। साथ ही संपूर्णता अभियान 2.0 का मुख्य उद्देश्य जन-स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना, महिला सशक्तिकरण, टिकाऊ कृषि, उन्नत पशुपालन एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों को गति देना है।
संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत आकांक्षी जिला स्तर पर 5 प्रमुख सूचकांक तथा आकांक्षी प्रखंड बैरगनिया स्तर पर 6 सूचकांक निर्धारित किए गए हैं। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा इन सभी सूचकांको को संतृप्त करने का निर्देश दिया गया।
[05/02, 9:54 pm] Rohit Singh: सीतामढ़ी में 10 फरवरी से फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम शुरू
सीतामढ़ी जिले में फाइलेरिया नियंत्रण के उद्देश्य से आगामी 10 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले “सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम” को लेकर जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में अध्यक्षता में समन्यव समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में उपविकास आयुक्त संदीप कुमार, सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार, एसीएमओ जेड जावेद, SSB के जिला कमांडेंट, जिला VBD नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आर. के. यादव, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्यान भोजन), जिला कार्यक्रम समन्वयक (ICDS) रूपम कुमारी, जीविका से स्वास्थ्य व पोषण पदाधिकारी छट्ठू कुमार, जिला स्वास्थ्य प्रबंधक असित रंजन, जिला अनुश्रवण वा मूल्यांकन पदाधिकारी संतोष कुमार सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक, तथा पीरामल फाउंडेशन से जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार और कार्यक्रम लीड रोहित कुमार शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान यह अपील की गई कि 10 फरवरी 2026 को सभी प्रखंडों एवं पंचायतों में पदाधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधि स्वयं दवा का सेवन कर अभियान की शुरुआत करें, ताकि समुदाय में सकारात्मक संदेश जाए। साथ ही माननीय स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशानुसार 11 फरवरी 2026 को प्रस्तावित महाअभियान के सफल संचालन हेतु सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया।
बैठक में विभागवार जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं।
- जीविका को अपने सभी स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को बूथ तक लाकर दवा सेवन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई।
- ICDS को आशा कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए बूथ का आयोजन, दवा सेवन और उसका रिकॉर्ड संधारण करने का दायित्व सौंपा गया।
- पंचायती राज विभाग को जनप्रतिनिधियों को जागरूक कर स्वयं दवा सेवन के माध्यम से लोगों को प्रेरित करने एवं बूथ पर समुदाय समन्वय की जिम्मेदारी दी गई।
- शिक्षा विभाग को बच्चों को जागरूक करने, शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में दवा सेवन से अभियान की शुरुआत करने तथा दवा वितरण के दौरान दलकर्मियों को सहयोग देने का निर्देश दिया गया।
- जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी को समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
- स्वास्थ्य विभाग को सभी कर्मियों की तैनाती, रैपिड रिस्पॉन्स टीम के गठन तथा प्रखंड स्तर से प्रभावी मॉनिटरिंग योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है।
