मधुबनी में आगामी श्रावणी मेला-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा एवं ब्रीफिंग बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी इंतजामों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी संयुक्त आदेश के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते हुए स्थिति पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारियों को दें।
प्रशासन ने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस दौरान प्रत्येक सोमवार जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे। वहीं 28 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा और रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा, जबकि 4 अगस्त को चेहल्लुम भी है। ऐसे में सभी धार्मिक आयोजनों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
उगना महादेव मंदिर पर विशेष फोकस
बैठक में बिस्फी थाना क्षेत्र स्थित नरसाम-भैरवा के उगना महादेव मंदिर को संवेदनशील स्थल मानते हुए विशेष रणनीति पर चर्चा की गई। हर सोमवार श्रद्धालु बलहा घाट से लगभग सात किलोमीटर की पदयात्रा कर मंदिर पहुंचते हैं। इस कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
उगना महादेव मंदिर क्षेत्र में 143 दंडाधिकारी, 124 पुलिस पदाधिकारी, 320 सशस्त्र पुलिस बल, 268 लाठी बल, 86 महिला पुलिसकर्मी, 106 चौकीदार और 55 अन्य कर्मियों सहित कुल 1102 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा त्वरित कार्रवाई के लिए दो क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी तैनात रहेंगी।
जिलेभर के प्रमुख शिवालयों पर भी सुरक्षा व्यवस्था
श्रावणी मेले के दौरान जिले के 298 स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। उगना महादेव मंदिर के अलावा कपिलेश्वर स्थान (रहिका), पंडौल के उगना महादेव एवं दोमंठा मंदिर, हरलाखी के कलानेश्वर महादेव मंदिर, राजनगर के भूतनाथ मंदिर, झंझारपुर, फुलपरास और जयनगर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा।
प्रशासन ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या जिला नियंत्रण कक्ष को दें। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम वातावरण में पूजा-अर्चना की सुविधा उपलब्ध कराना है।
