नई दिल्ली। भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी ने पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर 29 नवंबर 2026 को लखनऊ में मीडिया महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है। संगठन के संस्थापक एके बिंदुसार ने देशभर के पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया है।
संगठन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, महापंचायत का उद्देश्य पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकारों तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को उठाना है। एके बिंदुसार ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ-साथ YouTube चैनलों और न्यूज पोर्टल्स से जुड़े पत्रकारों से 29 नवंबर को लखनऊ पहुंचने की अपील की है।
संगठन का आरोप है कि देश में पत्रकारों के उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं। बयान में कहा गया है कि सच सामने रखने वाले पत्रकारों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ रहा है और उनकी आवाज दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संगठन ने भ्रष्टाचार, RTI और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है।
एके बिंदुसार ने कहा कि संगठन पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकारों को लेकर एकजुटता प्रदर्शित करना चाहता है। उन्होंने ‘भारत बंद, समाचार प्रकाशन बंद’ के आह्वान के साथ 29 नवंबर को देशव्यापी विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ में आयोजित होने वाली इस महापंचायत को संगठन ‘पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के अभिव्यक्ति की दूसरी आजादी की प्रथम महाक्रांति’ के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। संगठन के अनुसार, यह आयोजन पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से आवाज उठाने का मंच होगा।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन का दावा है कि महापंचायत में उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। संगठन ने इसे पत्रकार एकता और अधिकारों की मांग से जुड़ा बड़ा आयोजन बताया है।
हालांकि, 29 नवंबर को प्रस्तावित ‘भारत बंद’ और समाचार प्रकाशन बंद करने की अपील संगठन का आह्वान है; इसकी वास्तविक भागीदारी और प्रभाव आयोजन के दौरान ही स्पष्ट होगा।
