राजस्व से संबंधित कार्यों और नीलाम पत्रवाद की समीक्षा बैठक: जिलाधिकारी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश!

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समाहरणालय स्थित विमर्श कक्ष में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजस्व से संबंधित कार्यों और नीलाम पत्रवाद की स्थिति पर विस्तृत समीक्षा की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को राजस्व कार्यों के निष्पादन में पूरी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, नीलाम पत्रवाद के मामलों के निष्पादन में तेज़ी लाने के लिए भी कई अहम निर्देश दिए गए।

बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिनमें ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, अभियान बसेरा—2, कृषि गणना, भू समाधान, कोर्ट केस, एलपीसी, ई—मापी स्कैनिंग और डिजिटलाइजेशन रिपोर्ट, विभिन्न योजनाओं से संबंधित भूमि की आवश्यकता, पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य का सीमांकन, सैरातो की बंदोबस्ती जैसे मुद्दे शामिल थे। जिलाधिकारी ने इन सभी बिंदुओं पर अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए और कहा कि इन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।


राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और प्रतिबद्धता की आवश्यकता

जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि राजस्व से संबंधित कार्यों में पूरी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ निष्पादन किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य में लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए और सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाएं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी भी कार्य में कोई समस्या आती है, तो उसे तुरंत समाधान किया जाए और किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में जिन प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई, उनमें से कुछ निम्नलिखित थे:

  1. ऑनलाइन म्यूटेशन का डिस्पोजल: जिलाधिकारी ने ऑनलाइन म्यूटेशन के कार्य को शीघ्र पूरा करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि म्यूटेशन प्रक्रिया में कोई भी देरी नहीं होनी चाहिए और इसे पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए।
  2. परिमार्जन प्लस: इस योजना के तहत भूमि की स्थिति का सही मूल्यांकन और वर्गीकरण करना है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
  3. अभियान बसेरा—2: इस अभियान के तहत सरकार की योजना के तहत घरों की जरूरतमंदों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
  4. कृषि गणना: जिलाधिकारी ने कृषि क्षेत्र की गणना को सटीक और समय पर पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जा सके।
  5. भू समाधान: भू समाधान के कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए अधिकारियों को सक्रिय रूप से काम करने की सलाह दी गई।
  6. कोर्ट केस: राजस्व से संबंधित कोर्ट केसों के निष्पादन में तेजी लाने के लिए भी जिलाधिकारी ने निर्देश दिए और कहा कि इन मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
  7. ई—मापी स्कैनिंग और डिजिटलाइजेशन रिपोर्ट: डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

नीलाम पत्रवाद की समीक्षा

नीलाम पत्रवाद की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बैंकों और अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने के लिए कहा, ताकि अधिक से अधिक नीलाम पत्रवाद के मामलों का निष्पादन किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लंबित नीलाम पत्रवादों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाए और उन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि नीलाम पत्रवाद के मामलों की सुनवाई को अपने रूटीन कार्यों में शामिल किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि नीलाम पत्रवाद से संबंधित सभी दस्तावेजों का मिलान रजिस्टर—09 और 10 से किया जाए और सभी लंबित मामलों की प्रतिदिन सुनवाई की जाए।

नीलाम पत्रवाद के मामलों में ऋण वसूली के कार्य को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि नीलाम पत्रवाद में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बैंकों और अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने के लिए भी निर्देश दिए गए, ताकि बड़े बकायदारों के खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा सके।


अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय नीलाम पत्र पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निर्गत वारंट, प्राप्त आपत्तियां, नोटिस तामिला आदि के संबंध में अविलंब आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े बकायदारों की सूची बनाकर उनके खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा, जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि नीलाम पत्रवाद के निष्पादन संबंधी प्रतिवेदन जिला नीलाम पत्र शाखा को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि इस कार्य में कोई देरी न हो और सभी मामलों का शीघ्र समाधान किया जा सके।


बैठक में उपस्थित अधिकारी

इस बैठक में अपर समाहर्ता संदीप कुमार, अपर समाहर्ता विभागीय जांच, जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी, अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी एसडीओ और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सभी अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन करने का संकल्प लिया और तय किया कि वे सभी कार्यों को समय पर और पूरी जिम्मेदारी के साथ निष्पादित करेंगे।


निष्कर्ष

जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक ने यह स्पष्ट किया कि राजस्व से संबंधित कार्यों और नीलाम पत्रवाद के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को अपने कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसी भी अधिकारी के द्वारा कार्य में लापरवाही या देरी करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह बैठक न केवल राजस्व कार्यों के निष्पादन में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, बल्कि नीलाम पत्रवाद के मामलों के निष्पादन में भी तेजी लाएगी। इससे निश्चित रूप से आम जनता को लाभ होगा और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

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