राजनीतिक शुचिता के लिए कर्पूरी का अनुशरण आवश्यक- चंद्रभूषण सिंह यादव….
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भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर ने मुख्यमंत्री रहते गालियां सुनते हुए सामाजिक न्याय के लिए जो कार्य किए हैं,वे सदियों तक याद किए जाते रहेंगे क्योंकि अब और कोई कर्पूरी नहीं पैदा होगा जो जीते जी सामाजिक विषमता के विरुद्ध लड़ते हुए अपमान और गालियां पाया हो तो मरने के बाद उसके पास कोई धन,संपदा,बैंक बैलेंस नहीं रहा, उक्त उद्गार रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरी स्थित सपा जन संपर्क कार्यालय पर आयोजित कर्पूरी ठाकुर स्मृति दिवस कार्यक्रम में व्यक्त करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि कर्पूरी व्यक्ति नहीं विचार थे जिनका अनुशरण राजनीतिक शुचिता के लिये आवश्यक है।
सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने जब सामंतवाद के मुकाबले पिछड़े वर्गों की बहबूदी के लिए संवैधानिक प्राविधानों के तहत विशेष अवसर देने की घोषणा की तो मुख्यमंत्री रहते उन्हें विधानसभा के अंदर और पटना की सड़कों पर रोककर "कर्पूरी- कर्पूरा,छोड़ो गद्दी उठाओ छूरा " जैसे नारे लगाते हुए भद्दी - भद्दी गालियां दी गईं।किसी भी लोकतांत्रिक देश में ऐसा अपमान किसी चुने हुए पदासीन व्यक्ति को संवैधानिक प्राविधानों को लागू करने के कारण किए जाने का प्रमाण मिलना मुश्किल है।
सामाजिक समता के लिए जीवन पर्यंत संघर्षरत रहे कर्पूरी ठाकुर को उनके स्मृति दिवस पर व्यास यादव, रामाशीष यादव, श्यामराज कन्नौजिया,रामआसरे यादव,सुरेश नारायण सिंह यादव, रामप्यारे यादव, संतोष मद्धेशिया, अयोध्या वर्मा, नाजिर अंसारी, शंकर गोंड, नारायण प्रसाद, विनोद यादव, इकबाल अहमद, संतोष कुमार सिंह, राम नगीना यादव आदि ने उनके चित्र के समक्ष श्रद्धावनत हो नमन किया।
-चंद्रभूषण सिंह यादव
(17 फरवरी 2026)
