प्रदेश में बिजली की मांग में अचानक आई तेज बढ़ोतरी ने बंद पड़ी तापीय इकाइयों को फिर से उत्पादन पर लाने की स्थिति पैदा कर दी है। पिछले दिनों भारी बारिश के बाद तापमान गिरने से बिजली की मांग अप्रत्याशित रूप से कम हो गई थी। इसके चलते प्रदेश की दो दर्जन से अधिक बिजली इकाइयों को अस्थायी रूप से बंद कर रिजर्व शटडाउन मोड में रखा गया था।

अब बीते 24 घंटे में मांग में 3,738 मेगावाट की वृद्धि होने के बाद बिजली प्रबंधन ने कई इकाइयों को दोबारा उत्पादन पर लेने का निर्णय लिया है। मांग बढ़ने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की ओबरा तापीय परियोजना की बी परियोजना की 11 वीं इकाई को फिर से उत्पादन पर ले लिया गया है। इसके साथ ही 660 मेगावाट क्षमता वाली हरदुआगंज एक्सटेंशन से भी उत्पादन शुरू कराया गया है।

पारीक्षा तापीय परियोजना की इकाई संख्या चार को भी उत्पादन पर वापस ले लिया गया है। निजी क्षेत्र में बजाज एनर्जी लिमिटेड की मकसूदापुर की दोनों, खंबेरखेड़ा की दोनों तथा बरखेड़ा की दोनों इकाइयों से भी उत्पादन शुरू करा दिया गया है। इस तरह मांग में आई तेजी के बाद कई बंद इकाइयों के पहिए फिर घूमने लगे हैं।

बारिश के कारण बिजली की मांग में आयी थी कमी

दरअसल, प्रदेश में भारी बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से बिजली की खपत में अचानक कमी आई थी। मांग के अनुरूप उत्पादन बनाए रखने के लिए प्रबंधन ने कई इकाइयों को रिजर्व शटडाउन में रख दिया था। अब मौसम में बदलाव के साथ कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य होने लगा है और बिजली की मांग फिर तेजी से बढ़ रही है।

मांग-आपूर्ति में संतुलन पर नजर

बिजली प्रबंधन मांग में हो रही बढ़ोतरी पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार यदि मांग में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो रिजर्व शटडाउन में रखी गई अन्य इकाइयों को भी आवश्यकता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से उत्पादन पर लाया जा सकता है। फिलहाल उत्पादन और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना प्रबंधन की प्राथमिकता है।

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