माधोपुर गाँव के स्वतंत्रता सेनानी स्मारक एवं महापुरुषों के मूर्तियों पर उजला पेंट डालकर राष्ट्र विरोधी अपराध किया है जो अक्षम्य अपराध है महापुरुषों को अपमानित करने का।

सीतामढ़ी जिला के बथनाहा प्रखंड अंतर्गत माधोपुर गाँव में सामाजिक सहयोग से एक स्वतंत्रता सेनानी स्मारक निर्माण कराया गया है स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान मे।
इस स्मारक पर देश की आजादी मे अग्रणी भूमिका निभाकर नेतृत्व प्रदान करने वाले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी ,चन्द्रशेखर आजाद जी एवं बाबा विद्यापति जी के संगमरमर की मूर्ती जयपुर से बनवाकर लगाया गया है जहाँ दिनांक 22 मार्च को रात्री में असामाजिक तत्वों द्वारा राष्ट्रद्रोही कार्य किया गया है जो स्मारक और महापुरुषों के ऊपर उजला पेंट डालकर यह अपराध अक्षम्य है जिसे माफ नहीं किया जा सकता है, इस राष्ट्र विरोधी कुकृत्य के लिए सख्त से सख्त कारवाई होनी चाहिए ऐसा निवेदन है सुनील कुमार सुमन जी के द्वारा जिन्होंने यह स्मारक सामाजिक सहयोग से अपने पारिवारिक निजी जमीन पर बनवाया हुआ है।
इसके निर्माण के लिए सुनील कुमार सुमन ने प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर तत्कालीन सांसद श्री राम कुमार शर्मा महोदय तक प्रार्थना पत्र लगाया गया था बारंबार लेकिन आश्वासन के अलावे और कुच्छ नहीं मिला ,प्रखंड कार्यालय से प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखकर जवाब दिया गया कि कोई योजना नहीं है स्मारक और स्वागत द्वार के लिए प्रखंड स्तर पर तब जाकर सामाजिक सहयोग का सहारा लिया गया और निर्माण हुआ। काफी संघर्षपूर्ण प्रयास रहा है इस स्मारक के निर्माण का, अभी यह स्मारक निर्माणाधीन है।
इस स्मारक बनाने का उद्देश्य है नवयुवकों में राष्ट्रीयता की भावना जागृत करना तथा हमारे पूर्वजों के देश आजादी की भागीदारी को याद दिलाते रहना आने वाले पीढ़ी तक साथ-साथ दूसरे गांवों के लिए अनुकरणीय होना ताकि लोग अपने-अपने गांवों के स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान में इसी प्रकार से स्मारक का निर्माण कराये और अपने पूर्वजों के कीर्ति को यादगार बनाएँ।
स्मारक जिस जमीन पर बनाया गया है वह जमीन श्री रमेश झा के परिवार जो कि स्वर्गीय बाबुजी झा के बंगला नाम से प्रख्यात है आसपास के गाँव में जो बंगला सामाजिक शादी व्याह एवं सुख श्राद्ध के लिए ही बनाया गया है ,यह बंगला एक उदाहरण है स्वर्गीय बाबुजी झा के छह (6) भाइयों के त्याग का जो सामाजिक उपयोग के लिए बनाया गया है देश कि आजादी से पूर्व ही ,जहाँ पूर्व में देश आजादी की रणनीति एवं देश आजादी के लिए संघर्ष कर रहे आंदोलन कारी , संघर्षकर्ता का संरक्षण स्थली था जहाँ से 11 स्वतंत्रता सेनानी हुए देश की आजादी उपरांत इस गाँव से।
इस स्मारक का विरोध सुरु से ही एक दो ग्रामीण कर रहे हैं, कभी जमीन सरकारी है तो इनार का जमीन है जबकि सरकारी अमीन द्वारा नापी कराकर ग्रामीणों के उपस्थिति मे 10 ग्रामीणों के हस्ताक्षर के पश्चात रिपोर्ट किया गया था सरकारी अमीन द्वारा अंचलाधिकारी कार्यालय बथनाहा को कि श्री रमेश झा द्वारा अपने पारिवारिक जमीन का चाहरदीवारी किया जा रहा है जिसका कॉपी उपलब्ध है फिर भी गलत सलत वीडियो बनाया जाता है तो कभी सहयोग राशी पर सवाल उठाया जाता है जबकि ऐसे लोगों द्वारा एक रुपया का सहयोग नहीं किया गया ऐसे लोगों का उद्देश्य मात्र है जो स्मारक को विवादित किया जाये ,इसके उद्देश्य को दिशाहीन किया जाये, इससे लोगों के जुड़ाव और कार्यक्रमों में भागीदारी कम किया जाये इस परिस्थितियों को देखते हुए लगता है या पेंट डालने का कार्य भी वीडियो बनाने वाले और स्मारक का विरोध करने वालों का ही कार्य हो सकता है।
धन्यवाद।

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