महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत संचालित योजनाएं जिले में कामगारों के लिए प्रभावी साबित हो रही हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में मनरेगा के माध्यम से 68 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल मिला है।
जिले में इस समय साढ़े छह हजार से अधिक छोटी-बड़ी योजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें तालाबों का जीर्णोद्धार, पोखर, खाड़ और पईन की सफाई जैसे जल संरक्षण एवं संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रमुख हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल रोजगार उपलब्ध कराना है, बल्कि ग्रामीण आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करना भी है।
वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही प्रशासन द्वारा रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया। जिले के सभी 14 प्रखंडों में एक साथ योजनाओं की शुरुआत कर कार्यों को गति दी गई, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को समय पर काम मिल सके।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़े हैं और जल संरक्षण जैसे दीर्घकालिक लाभ भी सुनिश्चित हो रहे हैं।
