मधुबनी जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में 24 मार्च 2026 से 14 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान की प्रखंडवार और दैनिक प्रगति की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि 14 जुलाई 2026 को टीबी स्क्रीनिंग का दैनिक लक्ष्य 12,250 निर्धारित था, जिसके मुकाबले 12,239 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। यह उपलब्धि लगभग 99.9 प्रतिशत रही।
बैठक में अनुपस्थित रहने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरलाखी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शमीम से स्पष्टीकरण पूछने और वेतन स्थगित करने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत सरकार और बिहार सरकार के टीबी उन्मूलन लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों को मिशन मोड में काम करना होगा। उन्होंने संभावित टीबी मरीजों की पहचान, स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
बैठक में एक्स-रे जांच, NAAT जांच, Differential TB Care, TPT Care, निक्षय मित्र पहल, पोषण सहायता और उपचाराधीन मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग की समीक्षा की गई। खराब प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने कहा कि सभी पात्र लोगों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा निक्षय पोर्टल पर सभी जानकारियों की शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित की जाए।
कम प्रगति वाले प्रखंडों के अधिकारियों को विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता, एएनएम, जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका और अन्य क्षेत्रीय कर्मियों के सहयोग से घर-घर स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह जनभागीदारी से जुड़ा अभियान है। सभी विभागों के सहयोग से ही जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने कहा है कि अभियान की नियमित समीक्षा जारी रहेगी और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
