मधुबनी, 3 सितंबर 2026। जिले में गैर-संचारी रोगों (NCD) की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए ‘स्वस्थ एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान शुरू किया गया है। राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के निर्देश पर संचालित यह अभियान 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलेगा।

अभियान के दौरान लोगों की स्क्रीनिंग के साथ परामर्श, दवा वितरण और आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, मुंह, स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर, Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD) और Chronic Obstructive Pulmonary Disease (COPD) की समय रहते पहचान करना और आवश्यक उपचार एवं प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इससे इन बीमारियों के कारण होने वाली असामयिक मौतों को कम करने में मदद मिलेगी।

घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम, 30+ उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग

अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता और एएनएम घर-घर जाकर परिवारों से जुड़ी जानकारी Family Folder और Community Based Assessment Checklist (CBAC) Form में दर्ज करेंगी। विशेष रूप से 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों तथा उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी।

स्क्रीनिंग के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, तीन प्रमुख सामान्य कैंसर, NAFLD और COPD की जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार, चिकित्सकीय परामर्श और रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। गंभीर मामलों को जरूरत के अनुसार उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।

स्वास्थ्य संस्थानों में भी होगी Opportunistic Screening

अभियान के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों की OPD में आने वाले मरीजों की Opportunistic Screening भी की जाएगी। इसके अलावा आवश्यकता के अनुसार CBC, Blood Sugar, HbA1c, Lipid Profile, Liver Function Test, Kidney Function Test, 24 Hours Urine for Protein, ECG, Pap Smear, Biopsy, Vit-D3, Vit-B12, T3, T4 और TSH जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

चिन्हित मरीजों के उपचार और फॉलो-अप पर जोर

स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित मरीजों की लाइन लिस्ट तैयार कर उनका नियमित फॉलो-अप किया जाएगा। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और उन्हें प्रत्येक माह दवा लेने तथा आवश्यक जांच कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच और उपचार किया जाएगा। वहीं CHO और एएनएम द्वारा NCD App की Pending List के आधार पर 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की अनिवार्य स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाएगी। संबंधित आंकड़ों की NCD Portal पर Real Time Entry भी कराई जाएगी।

अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां

अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। आशा कार्यकर्ता घर-घर भ्रमण, स्क्रीनिंग और फॉलो-अप में सहयोग करेंगी, जबकि आशा फैसिलिटेटर उनके कार्यों की दैनिक निगरानी करेंगी।

Community Health Officer (CHO) और एएनएम आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्क्रीनिंग, उपचार, टेली-कंसल्टेशन और रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। चिकित्सा पदाधिकारी मरीजों की जांच, उपचार, दवा वितरण और गंभीर मामलों के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

वहीं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक (BCM) अभियान के निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार गतिविधियों की निगरानी और मूल्यांकन करेंगे। प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (BHM) स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन, दवा और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।

जिले में अभियान की नियमित समीक्षा, अनुश्रवण, आंकड़ों की प्रविष्टि और रिपोर्टिंग के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी (NCDO), जिला सामुदायिक उत्प्रेरक (DCM), जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी (DM&EO) सहित अन्य संबंधित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।#Madhubani #NCDScreening #HealthCampaign #BiharHealth #Diabetes #Hypertension #CancerScreening #DigitalHealth #MadhubaniNews #BiharNews

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