मधुबनी में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला जनसम्पर्क कार्यालय, मधुबनी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिले में वैज्ञानिक विधि से मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने के लिए मत्स्य निदेशालय, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार, BAIP (बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम) तथा PRADAN संस्था के संयुक्त सहयोग से पांच चयनित मत्स्य किसानों ने अपनी निजी पूंजी से जयंती रोहू एवं अमृत कतला का उन्नत स्पॉन मंगवाया है।

यह उन्नत स्पॉन ICAR-CIFA के अधिकृत मल्टीप्लायर के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। इस कार्यक्रम के तहत PRADAN संस्था द्वारा किसानों को तकनीकी सहयोग एवं वैज्ञानिक मत्स्य पालन से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।

जयंती रोहू एवं अमृत कतला उच्च उत्पादन क्षमता वाली उन्नत मत्स्य प्रजातियां हैं, जिन्हें वैज्ञानिक चयन प्रजनन तकनीक से विकसित किया गया है। इनकी वृद्धि दर सामान्य प्रजातियों की तुलना में बेहतर मानी जाती है, जिससे किसानों को कम समय में अधिक उत्पादन और बेहतर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। इससे जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिलने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि राज्य सरकार एवं विभाग द्वारा मत्स्य किसानों की आय बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाकर मत्स्य पालन को व्यवसायिक रूप देने की अपील की तथा विभाग की ओर से हर संभव तकनीकी सहयोग देने की बात कही।

वहीं BAIP टीम के विवेक प्रियदर्शी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जिले में उन्नत मत्स्य प्रजातियों का विस्तार करना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि वे अधिक उत्पादन एवं लाभ प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम में शामिल किसानों ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्नत स्पॉन मिलने से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आय में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने मत्स्य विभाग, BAIP एवं PRADAN संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया।

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