मधुबनी के मिथिला हस्तकला केंद्र में शुक्रवार को मिथिला हैंडीक्राफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के सदस्यों की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिथिला की पारंपरिक हस्तकला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने, कलाकारों की आय बढ़ाने तथा सहकारिता मॉडल को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव तथा कॉम्फेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक थे। विशिष्ट अतिथियों में मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा, पटना म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा, मिथिला चित्रकला संस्थान के निदेशक चंद्र शेखर प्रसाद सिंह, हैंडीक्राफ्ट विभाग के सहायक निदेशक मुकेश कुमार, पर्यटन विभाग के अधीक्षक अभियंता अरुण कुमार तथा मिथिला मिल्क यूनियन के प्रबंध निदेशक रविंद्र कुमार झा शामिल रहे।

कार्यक्रम में पद्मश्री दुलारी देवी और पद्मश्री बउआ देवी की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। दोनों वरिष्ठ कलाकारों का उपस्थित लोगों ने स्वागत किया।

बैठक को सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव आशीष भुटानी ने पूर्व रिकॉर्डेड संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए समिति के गठन पर शुभकामनाएं दीं। वहीं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने भी वीडियो संदेश जारी कर इस पहल की सराहना की और इसे सहकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताया।

इसके अलावा नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह ने समिति के गठन पर बधाई देते हुए आवश्यकता पड़ने पर वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य अतिथि शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि मधुबनी की हस्तकला और मिथिला पेंटिंग को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान प्राप्त है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत सरकार ने जितवारपुर को देश का पहला क्राफ्ट विलेज (Craft Village) घोषित किया है। जिले में करीब 50 हजार मान्यता प्राप्त आर्टिजन कार्ड धारक कलाकार पंजीकृत हैं, जिनमें कई कलाकार राज्य, राष्ट्रीय और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इस सहकारी समिति के माध्यम से कलाकारों की कलाकृतियों को देश और विदेश के बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और मिथिला हस्तशिल्प की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि समिति की सदस्यता के लिए पहले ही चरण में 200 कलाकारों ने आवेदन किया है, जिनमें पद्मश्री सम्मानित कलाकार भी शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान मिथिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, समस्तीपुर की ओर से सुधा ब्रांड के तहत तैयार मखाना खीर का भी शुभारंभ किया गया। मिथिला क्षेत्र के प्रसिद्ध मखाना से तैयार इस उत्पाद का अतिथियों ने स्वाद लिया और इसकी गुणवत्ता की सराहना की।

इस अवसर पर टेक्नोसर्व (TechnoServe), कॉम्फेड पटना, मिथिला दुग्ध संघ और अन्य संबंधित संस्थाओं के अधिकारी एवं प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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