पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मधुबनी में जल-जीवन-हरियाली दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पौधरोपण, परिचर्चा, निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, मधुबनी के तत्वावधान में सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) +2 मनमोहन उच्च विद्यालय, रामपट्टी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में 25 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इसके साथ ही छात्रों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण और जैव विविधता के महत्व से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के तहत “आज पौधशाला, कल वन—भविष्य का हरित निवेश” विषय पर परिचर्चा, निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। परिचर्चा में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका और पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी के बारे में जानकारी दी।

निबंध प्रतियोगिता में चांदनी कुमारी ने प्रथम, स्नेहा वत्स ने द्वितीय और विनायक कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं पेंटिंग प्रतियोगिता में आयुषी प्रियदर्शिनी प्रथम, पुष्कर कुमारी द्वितीय तथा अलका कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। विजेता प्रतिभागियों को शील्ड, मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

वन परिसर पदाधिकारी अनूप कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का भी आह्वान किया। उनके अनुसार, वृक्ष स्वच्छ पर्यावरण, शुद्ध वायु और सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं।

डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि नदियों, तालाबों और भूजल स्रोतों को सुरक्षित रखना है, तो अधिक से अधिक पौधे लगाने होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि प्रत्येक छात्र कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाए, ताकि हरित और स्वच्छ बिहार के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक देवेंद्र प्रसाद यादव और विघ्नेश कुमार झा ने की। इस दौरान वनरक्षी सिकंदर रविदास, विकास कुमार दास, शिक्षक सतीश चंद्र, अमित कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक एवं समन्वयक पवन कुमार सिंह ने किया।

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