मधुबनी: किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए मधुबनी जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत दो उर्वरक प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है।

जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर के नेतृत्व में 28 जुलाई 2026 को अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, फुलपरास कृष्णानंद कुमार के साथ लौकही प्रखंड में उर्वरक दुकानों की औचक जांच और छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान मेसर्स प्रणव ट्रेडर्स, पिपराही (प्रो. विनीत कुमार नाहर) और मेसर्स जगदंबा एजेंसी, लौकही (प्रो. हेमंत कुमार गुप्ता) के प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद दोनों दुकानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि किसानों को निर्धारित समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिलेभर में नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर पर गठित उर्वरक छापेमारी टीमों ने 347 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया है। इनमें 18 प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं सामने आई हैं।

अब तक की कार्रवाई में:

  • 2 प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
  • 4 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
  • 8 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
  • 4 प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जिला प्रशासन ने दोहराया कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अनियमित वितरण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

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