इस बार जिले में भूकंप सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने नुक्कड़ नाटक की टीम को हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन श्री बृजकिशोर पांडे, जिला जन संपर्क पदाधिकारी कमल सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता
नुक्कड़ नाटक जागरूकता फैलाने का एक प्रभावी माध्यम है। इस बार जिले के सभी प्रमुख और सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक की टीम ने गीत और संगीत के माध्यम से भूकंप से सुरक्षा और बचाव के उपायों को आम जनता तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। 21 जनवरी 2025 तक यह टीम विभिन्न स्थानों पर प्रस्तुति देगी।
नुक्कड़ नाटक के दौरान भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले उपायों, सुरक्षित स्थानों की पहचान, और आपातकालीन स्थिति में आवश्यक उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। यह प्रयास न केवल शहरी क्षेत्रों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है।
एसडीआरएफ द्वारा मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण
भूकंप सुरक्षा सप्ताह के तहत एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) द्वारा प्रमुख विद्यालयों, समाहरणालय परिसर, रेलवे स्टेशन परिसर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को यह सिखाया जा रहा है कि भूकंप के समय कैसे सुरक्षित रहें और दूसरों की मदद करें।
एसडीआरएफ की टीम ने विभिन्न सत्रों में आपातकालीन उपकरणों के उपयोग, प्राथमिक चिकित्सा, और बचाव के दौरान ध्यान देने योग्य बातों की जानकारी दी। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।
प्रतियोगिताओं के माध्यम से जागरूकता
जिलाधिकारी ने बताया कि विद्यालय और महाविद्यालय के छात्रों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में पेंटिंग, निबंध लेखन, नारा लेखन, नाटक, वाद-विवाद और प्रभात फेरी शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्र-छात्राएं न केवल भूकंप से सुरक्षा और बचाव के उपायों को समझेंगे, बल्कि उन्हें अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता फैलाने का अवसर मिलेगा।
पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान
भूकंप सुरक्षा सप्ताह के तहत पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों और राज मिस्रियों को भूकंपरोधी और आपदारोधी भवनों के निर्माण के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पंचायत भवन, लाइब्रेरी, अस्पताल, बैंक, पोस्ट ऑफिस, न्यायालय, बस स्टैंड, मॉल, हाट बाजार, नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थलों पर व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी ने यह सुनिश्चित किया है कि इन सभी स्थानों पर भूकंप से सुरक्षा और बचाव के उपायों की जानकारी आम जनता तक पहुंचे। इसके लिए बैनर, पोस्टर, और डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।
भूकंप सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी के संदेश
जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने कहा कि भूकंप सुरक्षा सप्ताह के दौरान नुक्कड़ नाटक और मॉक ड्रिल के माध्यम से आम जनता को जागरूक करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भूकंप के दौरान सही जानकारी और तैयारी ही जान-माल की हानि को कम कर सकती है।
उन्होंने बताया कि इस सप्ताह के तहत जागरूकता अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से छात्रों और शिक्षकों को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
भूकंप से सुरक्षा के लिए सुझाव
भूकंप के दौरान और बाद में सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए गए हैं:
- भूकंप के दौरान:
- मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपें।
- दीवारों, खिड़कियों, और भारी वस्तुओं से दूर रहें।
- लिफ्ट का उपयोग न करें।
- भूकंप के बाद:
- खुले स्थान पर जाएं।
- घायल व्यक्तियों को प्राथमिक चिकित्सा दें।
- अफवाहों पर ध्यान न दें और सही जानकारी प्राप्त करें।
- भविष्य के लिए तैयारी:
- आपातकालीन किट तैयार रखें।
- घर और कार्यस्थल को भूकंपरोधी बनाएं।
- परिवार के साथ आपातकालीन योजना बनाएं।
निष्कर्ष
भूकंप सुरक्षा सप्ताह—2025 का उद्देश्य आम जनता को भूकंप से सुरक्षा और बचाव के प्रति जागरूक करना है। नुक्कड़ नाटक, मॉक ड्रिल, और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिलाधिकारी और उनकी टीम की यह पहल न केवल जिले को भूकंप के प्रति तैयार करने में मदद करेगी, बल्कि एक जागरूक और सतर्क समाज के निर्माण में भी सहायक होगी। यह सप्ताह हर व्यक्ति को यह संदेश देता है कि प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने के लिए जागरूकता और तैयारी ही सबसे बड़ा हथियार है।