बेघर महिला के लिए संकटमोचन बना महिला एवं बाल विकास निगमद्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर सीतामढ़ी
आज वन स्टॉप सेंटर में एक ऐसी घटना हुई जिसने सबकी आंखें नम कर दीं। एक परेशान और असहाय महिला को मेजरगंज थाना सीतामढ़ी के द्वारा जब वन स्टॉप सेंटर लाया गया था, तब उसके चेहरे पर डर, थकान और निराशा साफ झलक रही थी। वह अपनों से बिछड़ी हुई थी और अपना नाम पता कुछ भी नहीं बता पा रही थी और उसे यह भी नहीं पता था कि आगे क्या होगा। लेकिन जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम सीतामढ़ी और वन स्टॉप सेंटर सीतामढ़ी की टीम ने उसे केवल एक केस की तरह नहीं, बल्कि एक बेटी और बहन की तरह संभाला। धैर्य, संवेदनशीलता और निरंतर प्रयास से उसका घर का पता लगाया गया । हर फोन कॉल, हर दस्तावेज़ की जांच और हर कोशिश में यही भावना थी कि उसे उसके अपनों तक सुरक्षित पहुँचाया जाए। सखी वन स्टॉप सेंटर में 03 दिन के आश्रय के उपरांत आखिरकार वह क्षण आया जब उसकी माँ से संपर्क हुआ। जब माँ अपनी बेटी से मिली, तो उनके पास कोई साक्ष्य नहीं लेकर नहीं आई थी तभी उससे संबंधित माननीय मुखिया के द्वारा पत्र दिया गया जिसके आधार पर यह पता चला कि इसकी मां यही है दोनों की आंखों से बहते आँसू उस दर्द और राहत की कहानी कह रहे थे जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
बेटी को सुरक्षित माँ के हाथों सौंपते समय ऐसा लगा मानो किसी बिछड़े हुए रिश्ते को फिर से जीवन मिल गया हो। उस पल ने यह साबित कर दिया कि संवेदनशीलता और मानवीयता से किया गया प्रयास किसी की पूरी दुनिया बदल सकता है।

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