बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सियासी हलचल फिर तेज हो गई है। विपक्ष इसे फेल करार दे रहा है, वहीं सत्ता पक्ष के भीतर भी इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पहले ही शराबबंदी की समीक्षा की मांग कर चुके हैं। मंगलवार को बिहार विधानसभा में यह मुद्दा फिर गूंजा, जब राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के विधायक माधव आनंद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में कानून की समीक्षा की आवश्यकता जताई।
विधायक ने की मुख्यमंत्री की सराहना
ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर बोलते हुए माधव आनंद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से मुक्त कराया और ‘लालटेन युग’ से बाहर निकाला।
ग्रामीण विकास और सामाजिक बदलाव
विधायक ने ग्रामीण इलाकों में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों के प्रयासों की प्रशंसा की। उनका कहना था कि गांवों में सामाजिक भेदभाव पहले की तुलना में काफी कम हुआ है।
शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग को लेकर यह बहस आने वाले समय में राज्य की सियासी दिशा को प्रभावित कर सकती है।
