बिहार विधानसभा प्रेस सलाहकार समिति से पूर्व के पिछड़ी अतिपिछड़ी दलित मुस्लिम पत्रकारों को चुन चुन कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया पर इसका विरोध किसी ने किसी भी स्तर से किया हो ऐसा देखने सुनने को नहीं मिला यह प्रिविलेज पावर का डंडा है सवर्णों की भरमार वाली जम्बोजेट कमिटी में कई ऐसे पत्र पत्रिकाओं के प्रतिनिधियों को ठूंस ठूंस कर भरा गया जिनका प्रकाशन वर्तमान में होता भी है या नहीं बंद है कितनी छपती है कोई मतलब नहीं तो कई ऐसे टूटपूंजिए यूट्यूबर जिसे आईपीआरडी पत्रकार मानती तक नहीं उन्हें भी थोक भाव में जगह दी कई बंद अखबारों के प्रतिनिधियों के सदस्य बनाए गया गया के दर्जन भर मुफ्फसिल पत्रकारों को भी शामिल किया गया हद तो तब जब गया के वजीरगंज के अखवार होकर को भी शामिल किया गया अखवार के रिटायर्ड भी मेंबर बने कई फेसबुकिया को भी जगह मिली यह सब हुआ प्रिविलेज पावर के नाम पर आखिर प्रिविलेज पावर का डंडा पिछड़े अतिपिछड़ी दलित मुस्लिम महिलाओं पर ही क्यों चला क्या वे अछूत है उनमें योग्यता काबिलियत नहीं होती खैर प्रिविलेज पावर महामानव का अभिनन्दन
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
