मुजफ्फरपुर: तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधान परिषद प्रत्याशी भूषण कुमार झा ने बिहार सरकार से वित्त रहित माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के सामंजन की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर ध्यान आकृष्ट कराया है।

भूषण कुमार झा ने कहा कि राज्य के कई वित्त रहित विद्यालयों में पर्याप्त भूमि और भवन जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से कई संस्थानों का कोड निलंबित किया गया है या फिर छात्रों के नामांकन की सीमा तय कर दी गई है।

उन्होंने पत्र में सरकारी विद्यालयों की स्थिति का भी उल्लेख किया है। उनके मुताबिक, कई पंचायतों में सरकारी उत्क्रमित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय सीमित भूमि और भवन में संचालित हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर मध्य विद्यालय के भवन में ही सैकड़ों विद्यार्थियों का नामांकन है। कई जगह भूमि और भवन की कमी के कारण जिला शिक्षा पदाधिकारियों को विद्यालयों का संचालन दो पालियों में कराना पड़ रहा है। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण है।

211 नए डिग्री कॉलेजों के सामंजन की मांग

भूषण कुमार झा ने बिहार के विभिन्न प्रखंडों में खोले गए 211 डिग्री कॉलेजों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जहां पहले से वित्त रहित डिग्री कॉलेज संचालित हो रहे हैं, वहां नए सरकारी डिग्री कॉलेजों का सामंजन किया जाना चाहिए।

उन्होंने डिग्री कॉलेजों की संबद्धता विश्वविद्यालयों के अधीन बनाए रखने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त परीक्षण के डिग्री कॉलेजों की संबद्धता विश्वविद्यालयों से समाप्त कर उन्हें राज्य सरकार के अधीन करना जल्दबाजी होगी। इससे शिक्षा व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के कर्मियों का वेतन लंबित

पत्र में गैर-सरकारी अनुदानित मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पांच माह से लंबित वेतन का मुद्दा भी उठाया गया है। भूषण कुमार झा ने कहा कि वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं।

उन्होंने सरकार से लंबित वेतन का जल्द भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर रहे हैं, ऐसे में लंबे समय तक वेतन लंबित रखना उनके लिए बड़ी कठिनाई का कारण बन रहा है।

सरकार के खर्च में बचत का दिया तर्क

भूषण कुमार झा ने सुझाव दिया कि जिन पंचायतों में पहले से वित्त रहित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय मौजूद हैं, वहां सरकारी उत्क्रमित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों का सामंजन किया जाए। इसी तरह जिन प्रखंडों में पहले से वित्त रहित डिग्री कॉलेज संचालित हैं, वहां नवसृजित सरकारी डिग्री कॉलेजों का भी सामंजन किया जाए।

उनका तर्क है कि इससे सरकार को नए भवन और भूमि की व्यवस्था पर होने वाले बड़े खर्च से बचत होगी। साथ ही वित्त रहित संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने बिहार सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।#BiharEducation #BiharEducationNews #BiharNews #BhushanKumarJha #MuzaffarpurNews #TirhutTeacherConstituency #EducationNews #BiharTeachers #DegreeCollege #MadrasaTeachers #SanskritSchool #TeacherSalary #PendingSalary #BiharGovernment #SchoolEducation #HigherEducation #EducationUpdate #LatestNews #HindiNews

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