जनता सरकार से पावर हाउस की करें मांग: वासिफ फरीदी, एसडीओ बिजली विभाग, रुन्नीसैदपुर
मानिक चौक फीडर में जब तक पावर हाउस नहीं लगेगा, तब तक बिजली की समस्याएं नहीं होंगी खत्म: एसडीओ
सीतामढ़ी- रुन्नीसैदपुर प्रखंड के मानिक चौक फीडर में आने वाले दर्जनों बिजली उपभोक्ताओं ने सब तक न्यूज जेकेवाई की आवाज न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए अपनी शिकायतें सामने रखी। उन्होंने बताया कि विद्युत मंत्रालय के अधीन आने वाला बिजली विभाग, बिहार में सुशासन बाबू की सरकार में बच्चों के भविष्य से 15 दिनों से खिलवाड़ कर रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विद्युत विभाग के कर्मी उनका मजाक बना रहे हैं और समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं।
रुन्नीसैदपुर प्रखंड के एसडीओ वासिफ फरीदी पर आरोप है कि वह आम जनता के फोन नहीं उठाते और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि एसडीओ साहब शाम 6 बजे से रात 8:30 बजे तक बिजली काट देते हैं, जिससे उनके परिवारों को खाना बनाने में कठिनाई होती है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उपभोक्ता यह भी कहते हैं कि एसडीओ साहब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं और सरकार से इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं।
इन समस्याओं को लेकर सब तक न्यूज जेकेवाई की आवाज के संस्थापक जलेश्वर कुमार यादव ने एसडीओ वासिफ फरीदी से फोन पर बात की। इस बातचीत में एसडीओ ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि जनता को इस मुद्दे पर आगे आकर समाधान की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है। वासिफ फरीदी ने यह भी कहा कि मानिक चौक फीडर में पावर हाउस की आवश्यकता है और जब तक यह नहीं लगेगा, तब तक बिजली की समस्याएं हल नहीं हो सकतीं।
डीएम रिची पाण्डेय से समाधान की मांग
जब सब तक न्यूज जेकेवाई की आवाज ने सीतामढ़ी के डीएम रिची पाण्डेय से बिजली की समस्याओं के बारे में सवाल किया, तो डीएम साहब ने पूरी गंभीरता से इस मामले को लिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को खराब होने से बचाने के लिए बिजली की समस्याओं का समाधान अविलम्ब करवाना उनकी पहली प्राथमिकता है। डीएम रिची पाण्डेय ने आश्वासन दिया कि वह तुरंत विद्युत अभियंता से बात करेंगे और बिजली की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द करवाएंगे।
डीएम ने यह भी कहा कि फोन न उठाने का मामला गंभीर है और प्रत्येक अधिकारी को जनता से संपर्क करना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी के साथ इस प्रकार की लापरवाही हो रही है, तो वह लिखित रूप से शिकायत कर सकते हैं।
जनता की बढ़ती नाराजगी और आंदोलन की चेतावनी
बिजली विभाग की लापरवाही से नाराज उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो वे बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव करेंगे और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर एनएच 77 को जाम करके सरकार के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे।
उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे और भी कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बिजली विभाग की कार्यशैली में सुधार किया जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
बिजली विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी
इस पूरे मामले में बिजली विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी भी सामने आती है। एसडीओ वासिफ फरीदी का कहना है कि जनता को आगे आकर समस्या का समाधान करना चाहिए, लेकिन यह बात उपभोक्ताओं के लिए संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि अगर विभाग के अधिकारियों ने समय पर समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो जनता का गुस्सा बढ़ेगा और स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
बिजली विभाग के अधिकारियों को यह समझना होगा कि जनता के साथ बेहतर संवाद और समस्याओं का शीघ्र समाधान करना ही उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। अगर उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तो इसका असर सरकार की छवि पर भी पड़ सकता है।
सीतामढ़ी जिले की बिजली समस्या
सीतामढ़ी जिले में बिजली की समस्या एक पुराना मुद्दा बन चुका है। यहां के कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार अधिकारियों को इस समस्या के बारे में सूचित किया गया है, लेकिन समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए पावर हाउस की आवश्यकता है, जैसा कि एसडीओ वासिफ फरीदी ने भी कहा। पावर हाउस के निर्माण से क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति में सुधार हो सकता है और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
आखिरकार, समाधान कब मिलेगा?
यह सवाल सबसे बड़ा है। क्या डीएम रिची पाण्डेय की पहल से इस समस्या का समाधान होगा? क्या सरकार और बिजली विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर बिजली की समस्याओं का समाधान करेंगे? या फिर यह समस्या यूं ही लंबित रहेगी?
यह सवाल तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। अगर शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है।
निष्कर्ष
बिजली की समस्याएं एक गंभीर मुद्दा हैं और इनका समाधान अविलम्ब होना चाहिए। उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। डीएम रिची पाण्डेय ने इस मामले में सकारात्मक पहल की है, लेकिन यह देखना होगा कि इस पहल से समस्या का समाधान होता है या नहीं।
इस मुद्दे पर जनता की आवाज उठाने का काम सब तक न्यूज जेकेवाई की आवाज ने किया है और अब यह देखना होगा कि सरकार और बिजली विभाग इस मुद्दे को किस तरह से हल करते हैं।