सीतामढ़ी के पुनौराधाम स्थित फ्रंट एज स्कूल में ध्वज पर्यावरण दहेज उन्मूलन जन चेतना समिति के तत्वावधान में छात्रों के बीच पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समिति के अध्यक्ष आग्नेय कुमार ने किया।
पहले सत्र में कक्षा आठवीं और नौवीं के विद्यार्थियों के लिए “पर्यावरण संरक्षण में हमारी भूमिका” विषय पर लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए।
समिति के अध्यक्ष आग्नेय कुमार ने बताया कि 9 अगस्त, क्रांति दिवस के अवसर पर जन चेतना समिति के संस्थापक स्वर्गीय प्रोफेसर जितेंद्र कुमार वर्मा की स्मृति में ‘पर्यावरण सम्मान-2026’ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्था पर्यावरण संरक्षण और दहेज उन्मूलन के प्रति लंबे समय से जनजागरण का कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि लेखन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा सीतामढ़ी जिले के उन तीन किसानों को भी पर्यावरण सम्मान दिया जाएगा, जिन्होंने अपनी भूमि पर सौ या उससे अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
यह सम्मान समारोह 9 अगस्त को दोपहर 2 बजे फ्रंट एज स्कूल, हॉस्पिटल रोड, पुनौराधाम में आयोजित किया जाएगा।
स्कूल की निदेशक अनुरंजना भारद्वाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और प्रकृति के प्रति प्रेम विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के सच्चे मित्र हैं, क्योंकि वे शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए। साथ ही कचरा प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता और सार्वजनिक स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ वातावरण अनिवार्य है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में गांधी विचार मंच की संयोजिका ऊषा शर्मा की अध्यक्षता में विनोबा भावे के जीवन एवं विचारों पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विनोबा भावे के व्यक्तित्व, उनके सामाजिक योगदान और गांधीवादी विचारधारा पर अपने विचार रखे।
ऊषा शर्मा ने कहा कि विनोबा भावे महात्मा गांधी के परम अनुयायी थे। उन्होंने अपना जीवन मानव सेवा, सामाजिक समरसता और ग्राम स्वावलंबन के लिए समर्पित किया। वे जैविक खेती, सर्वधर्म सद्भाव, ग्राम पंचायतों की मजबूती और स्वदेशी विचारधारा के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने भूदान आंदोलन के माध्यम से समाज में समानता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया।
फ्रंट एज स्कूल की निदेशक अनुरंजना भारद्वाज ने कहा कि विद्यार्थियों को देश के महापुरुषों के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विनोबा भावे ने आजादी के बाद ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने और ग्राम शक्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
भाषण प्रतियोगिता का मूल्यांकन जन चेतना समिति के अध्यक्ष आग्नेय कुमार, गांधी विचार मंच की संयोजिका ऊषा शर्मा तथा विद्यालय के शिक्षकों ने किया। प्रतियोगिता में कुल 18 विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
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