प्रथम कारगिल शहीद सुखबीर सिंह यादव जी को 27वें शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
कारगिल के प्रथम शहीद थे सुखबीर सिंह
अहीरवाल रेवाड़ी जिले के गांव धामलावास निवासी सुखबीर सिंह यादव सन 1986 में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की 171 बटालियन में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट भर्ती हुए। इनके पिता रघुबीर सिंह भी कैप्टन थे। सुखबीर ने देश की सीमा से सटे लगभग सभी राज्यों में अपनी बेहतरीन सेवाओं का प्रदर्शन किया। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड मानेसर में भी 6 वर्ष बतौर स्पेशल कमांडो उन्होंने अपनी सेवाएं दी। सन 1999 में भारत-पाक के बीच सीमा पर गहमा-गहमी का माहौल बढ़ता देख उन्हें कारगिल सीमा पर भेज दिया गया। 26 मई 1999 को वे अपने 6 जवानों के साथ कारगिल सीमा स्थित अल्फा टीकरी कॉम्पलेक्स एडम बेस 26 पर अन्य जवानों व स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले थे, जबकि यह काम पेट्रोलिंग पार्टी के अफसर का था, लेकिन उन्हें कुछ गोलीबारी होने का आभास हुआ। इसीलिए वे तुरंत अपने जवानों की पोजिशन देखने के लिए बेस कैंप के लिए अपनी जीप में रवाना हुए। जैसे ही वे सीमा स्थित करकितचु नाले के समीप पहुंचे तो बॉर्डर पार चुके दुश्मनों ने पूरी टीम पर तोप से गोरीबारी
