डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों और नेताओं के पार्टी छोड़ने के घटनाक्रम के बीच सोमवार को पंजाब कांग्रेस ने भी आप पर तीखा हमला बोला। चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, आप में जारी टूट और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अपनी बात रखी।

इस दौरान बलबीर सिंह सिद्धू, सांसद गुरजीत सिंह ओझला, डॉ. राजकुमार वेरका सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। परगट सिंह ने कहा कि पंजाब में आप की स्थिति रेत की दीवार जैसी हो गई है। पार्टी के नेता और विधायक लगातार साथ छोड़ रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि रेत माफिया और भ्रष्टाचार से जुड़े लोग भी अब पार्टी से किनारा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप छोड़कर जाने वाले अधिकांश नेता भाजपा में ही जाएंगे, क्योंकि कांग्रेस में उनके लिए कोई जगह नहीं है। कांग्रेस के पास सभी 117 विधानसभा सीटों के लिए योग्य उम्मीदवार हैं। कुछ अपवादों पर ही विचार किया जा सकता है।

पार्टी छोड़ने वाले विधायकों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, हमें ऐसा सामान नहीं लेना।’ उन्होंने सवाल उठाया कि साढ़े चार साल तक पार्टी में रहने वाले नेता टिकट नहीं मिलने की आशंका के बीच अब दूसरी पार्टियों में क्यों जा रहे हैं। परगट सिंह ने कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार को लेकर जो कुछ हो रहा है, उसका खामियाजा अंत में मुख्यमंत्री भगवंत मान को भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने केंद्र की जांच एजेंसियों की चुनाव के समय सक्रियता पर भी सवाल उठाए और कहा कि सीबीआई और ईडी किसके इशारे पर काम कर रही हैं, यह सभी जानते हैं। उन्होंने परविंदर सिंह झोटा और दलजीत सिंह समेत तीन लोगों के शवों का अंतिम संस्कार नहीं हो पाने का मुद्दा भी उठाया।

प्रताप सिंह बाजवा ने भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने पंजाब से करीब 50 हजार करोड़ रुपये की लूट की है। उन्होंने कहा कि एक साल पहले ही उन्होंने दावा किया था कि आप के कम से कम 32 विधायक उनके संपर्क में हैं।

बाजवा ने कुंवर प्रताप सिंह को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि चुनाव में पोस्टर ब्वाय के रूप में प्रचारित किए गए नेता को अब साढ़े चार साल तक पूछा तक नहीं गया। उन्होंने दावा किया कि दिवाली के बाद भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं और दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने 4 नवंबर को संगरूर में होने वाली राहुल गांधी की इंसाफ रैली की तैयारियों की भी जानकारी दी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रैली के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। पहले करीब एक लाख कांग्रेस समर्थकों के पहुंचने का अनुमान था, लेकिन अब इससे भी अधिक भीड़ जुटने की उम्मीद है।

 

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