बथनाहा (सीतामढ़ी) | संवाददाता
परिवार नियोजन पखवाड़ा (06 मार्च से 20 मार्च) को सफल बनाने और फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को गति देने के उद्देश्य से बथनाहा में दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बथनाहा में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. महिमा मोहन की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित हुई, वहीं जीविका कार्यालय में जीविका कैडर के लिए उन्मुखीकरण एवं संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए पिरामल फाउंडेशन के प्रभाकर कुमार ने कहा कि परिवार नियोजन सुखी दाम्पत्य जीवन का आधार है। सही उम्र में गर्भधारण और दो बच्चों के बीच उचित अंतर रखने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर होता है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी, कॉपर-टी जैसे स्थायी साधन तथा माला-एन, छाया, अंतरा, कंडोम और इमरजेंसी पिल जैसे अस्थायी साधन निःशुल्क उपलब्ध हैं।
जीविका कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में जीविका दीदियों को मिशन परिवार विकास पखवाड़ा के तहत योग्य दंपतियों को जागरूक करने और परिवार नियोजन सेवाओं से जोड़ने की भूमिका पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही फाइलेरिया नियंत्रण के लिए चल रहे एमडीए (Mass Drug Administration) मॉप-अप राउंड के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि जो लोग पहले दवा खाने से छूट गए हैं, उन्हें इस राउंड में दवा सेवन सुनिश्चित कराया जाएगा।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, पिरामल फाउंडेशन, पीएसआई और जीविका के प्रतिनिधियों ने संयुक्त प्रयास से इन स्वास्थ्य अभियानों को सफल बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जीविका बीपीएम पूजा कुमारी, अभिषेक कुमार, काउंसलर अमित कुमार, एएनएम, सीएचओ, पिरामल फाउंडेशन से दुर्गा प्रसाद सिंह, विक्रम कुमार तथा पीएसआई इंडिया से अनुज मिश्रा सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

