पटना हाई कोर्ट ने दानापुर के पूर्व विधायक रीतलाल यादव की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश सत्यव्रत वर्मा की एकलपीठ ने खगौल थाना कांड संख्या 171/2025 से जुड़े मामले में गुरुवार को यह फैसला सुनाया।
यह मामला रंगदारी के माध्यम से धन उगाही, आपराधिक दबाव के जरिए निजी और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने तथा संगठित आपराधिक गिरोह संचालित करने जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी की सुनियोजित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। याचिकाकर्ता 13 जून 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं और नियमित जमानत पर रिहाई की मांग कर रहे थे।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता राजेंद्र नारायण ने अदालत में दलीलें रखते हुए जमानत देने की अपील की। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता अजय मिश्रा ने याचिका का कड़ा विरोध किया।
राज्य पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी के खिलाफ लगभग 40 आपराधिक मामले लंबित हैं, जो उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं।
अदालत ने मामले की गंभीरता, आरोपों की प्रकृति और आरोपी के आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया। इस निर्णय के साथ ही पूर्व विधायक को फिलहाल किसी प्रकार की राहत नहीं मिल सकी है।
