इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़े पाक्सो केस में नामजद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया है।
शुक्रवार दोपहर बाद करीब एक घंटे से अधिक चली सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह आदेश दिया। कोर्ट के इस फैसले को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद और अन्य के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
एफआईआर के बाद शुरू हुई जांच
मामले में विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) के आदेश पर आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी के आधार पर बीते रविवार को झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए संबंधित पक्षों से पूछताछ की।
जांच के दौरान पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए हैं और मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।
गंभीर आरोप, माघ मेला और महाकुंभ से जुड़ा मामला
एफआईआर में आरोप है कि माघ मेला और महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान नाबालिगों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगी स्वामी मुकुंदानंद को आरोपी बनाया गया है।
मठ में खुशी का माहौल
अदालत के आदेश की जानकारी मिलते ही श्रीविद्या मठ में समर्थकों के बीच खुशी का माहौल देखा गया। हालांकि, मामले में अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है और अग्रिम जमानत पर कोर्ट का फैसला सुरक्षित रखा गया है।
