खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त खाद्य आनंद स्वरूप ने कहा कि राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। केवल पैनिक से बचने की जरूरत है। पहले के मुकाबले हर दिन हालात सुधर रहे है।

हालांकि, अभी तक एलपीजी का दो लाख, 68 हजार सिलिंडरों का बैकलॉग चल रहा है, लेकिन जितनी बुकिंग हर राज हो रही हस उसकी शत प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।

सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि जिनके घरेलू गैस सिलिंडर खाली नहीं है वह भी बुकिंग करवा रहे है। जब गैस का वाहन उनके दरवाजे पर जा रहा है तो गैस सिलिंडर खाली न होने से वाहन बिना गैस दिए वापस आ रहा है।

शनिवार को आयुक्त ने रिंग रोड स्थित खाद्य आपूर्ति भवन में पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए 1.11 लाख किलो गैस प्रतिदिन यानी करीब 4500 सिलिडरों ली अतिरिक्त जरूरत पड़ेगी।

राज्य को आपूर्ति करने वाली गैस कंपनियों ने इसकी हामी भरी है। इसलिए चिंता की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से वैकल्पिक ऊर्जा की व्यवस्था भी की जा रही है वह नियम को जलाने वाली लकड़ियों की व्यवस्था के लिए कहा गया है।

पीएनजी अपने निर्माण कार्य में तेजी लाएगी। राज्य में डीजल, पेट्रोल की कोई दिक्कत नहीं है। आपूर्ति शत प्रतिशत आगे से राज्य के लिए हो रही है।

जागरण संवाददाता, देहरादून। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त खाद्य आनंद स्वरूप ने कहा कि राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। केवल पैनिक से बचने की जरूरत है। पहले के मुकाबले हर दिन हालात सुधर रहे है।

हालांकि, अभी तक एलपीजी का दो लाख, 68 हजार सिलिंडरों का बैकलॉग चल रहा है, लेकिन जितनी बुकिंग हर राज हो रही हस उसकी शत प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।

सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि जिनके घरेलू गैस सिलिंडर खाली नहीं है वह भी बुकिंग करवा रहे है। जब गैस का वाहन उनके दरवाजे पर जा रहा है तो गैस सिलिंडर खाली न होने से वाहन बिना गैस दिए वापस आ रहा है।

शनिवार को आयुक्त ने रिंग रोड स्थित खाद्य आपूर्ति भवन में पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए 1.11 लाख किलो गैस प्रतिदिन यानी करीब 4500 सिलिडरों ली अतिरिक्त जरूरत पड़ेगी।

राज्य को आपूर्ति करने वाली गैस कंपनियों ने इसकी हामी भरी है। इसलिए चिंता की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से वैकल्पिक ऊर्जा की व्यवस्था भी की जा रही है वह नियम को जलाने वाली लकड़ियों की व्यवस्था के लिए कहा गया है।

पीएनजी अपने निर्माण कार्य में तेजी लाएगी। राज्य में डीजल, पेट्रोल की कोई दिक्कत नहीं है। आपूर्ति शत प्रतिशत आगे से राज्य के लिए हो रही है।

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