प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक–05 मई 2026
“ज्ञान भारतम् मिशन” के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण व डिजिटलीकरण कार्य को लेकर की गई बैठक।
कम-से-कम 75 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों—जैसे कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र और कपड़े पर लिखित सामग्री—की पहचान, सर्वेक्षण, कैटालॉगिंग और संरक्षण को लेकर प्रयास जारी।
इस जिले में अभी तक 05 साइट से कुल 85459 पांडुलिपियों को संस्कृति मंत्रालय ,भारत सरकार द्वारा सत्यापित किया गया है।
ज्ञान भारतम् मिशन के तहत जिले में पांडुलिपियों के संरक्षण एवं सर्वेक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आज जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में आहूत की गई।
बैठक में मिशन के अंतर्गत अब तक चिन्हित, सर्वेक्षित और संरक्षित पांडुलिपियों की अद्यतन स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रभारी पदाधिकारी जिला सामान्य शाखा द्वारा पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण कार्यों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी गई। बैठक में शिक्षाविद प्रो. डॉ. बबीता कुमारी, शिक्षाविद नम्रता ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद नील, पुरातत्वविद रामशरण अग्रवाल और विकास कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।उनके द्वारा पांडुलिपि संरक्षण को लेकर चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी जिलाधिकारी को दी गई साथ ही उनके द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।
जिलाधिकारी रिची पांडे ने निर्देश दिया कि पांडुलिपि संरक्षण का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।साथ ही सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने और नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
वहीं प्रभारी पदाधिकारी ,सामान्य शाखा ने बताया कि इस जिले में अभी तक 05 साइट से कुल 85459 पांडुलिपियों को संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा सत्यापित किया गया है।
सीतामढ़ी जिले में ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण की दिशा में कार्य को गति दी जा रही है। इस मिशन के तहत सीतामढ़ी जिले में सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों तथा व्यक्तियों के पास उपलब्ध कम-से-कम 75 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों—जैसे कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र और कपड़े पर लिखित सामग्री—की पहचान, सर्वेक्षण, कैटालॉगिंग और संरक्षण किया जाएगा।
इन पांडुलिपियों को डिजिटाइज कर ‘ज्ञान भारतम् पोर्टल’ के माध्यम से आम लोगों, खासकर वर्तमान पीढ़ी के लिए सुलभ बनाया जाएगा, ताकि इस धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त संदीप कुमार ,प्रभारी पदाधिकारी सामान्य शाखा,निदेशक डीआरडीए, डीपीआरओ कमल सिंह एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
