समाहरणालय सभागार में सोमवार को जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट हाईवे टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।
इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और दुर्घटना की स्थिति में त्वरित आपातकालीन सहायता जैसे प्रमुख बिंदुओं की समीक्षा की गई।
उपायुक्त राजीव रंजन ने पारडीह, डिमना चौक, डांगा और बालिगुमा क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में एनएचएआई (NHAI) के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि धालभूमगढ़, घाटशिला और कोकपाड़ा क्षेत्रों में अब तक 71 अतिक्रमित स्थानों को मुक्त कराया जा चुका है।
उपायुक्त ने हाईवे की भूमि की स्पष्ट मार्किंग कराने का निर्देश दिया, ताकि आम लोगों को सीमा रेखा की सही जानकारी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई से पहले माइकिंग के जरिए लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया जाएगा।
यदि इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया और प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी, तो इस प्रक्रिया में आने वाला पूरा खर्च संबंधित अतिक्रमणकारी से ही वसूला जाएगा।
साथ ही, दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए नियमित गश्ती की व्यवस्था की जाएगी और धूल नियंत्रण के लिए दिन में तीन बार पानी का छिड़काव अनिवार्य किया गया है।
सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पूर्व में चिन्हित सात संवेदनशील स्थानों पर जल्द से जल्द स्पीड गन कैमरे लगाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईवे पर गति सीमा और नो-पार्किंग के पर्याप्त साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा, अवैध पार्किंग के खिलाफ चालान और जुर्माने की कार्रवाई का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
एनएचएआई ने बताया कि कोकपाड़ा के चोईरा में ‘वे-साइड एमेनिटीज’ का निर्माण पूरा हो चुका है और तीन अन्य स्थानों पर यह प्रस्तावित है।
हादसों के समय त्वरित मदद के लिए हाईवे पर औसतन हर 32 किलोमीटर पर एंबुलेंस तैनात रहेगी। बैठक में एसएसपी डॉ. ऐहतेशाम वकारिब और धालभूम एसडीओ अर्णब मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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