प्रकाशनार्थ (फोटो) 25/06/2026
देश भर के छात्रों की आवाज को एक मंच देने, शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ की शुरुआत की है। यह अभियान छात्रों, अभ्यर्थियों, कोचिंग हब, कॉलेज कैंपस, पुस्तकालयों और युवा समूहों के बीच चलाया जाएगा।
इस महाअभियान की जानकारी देने के लिए गुरुवार जिला कांग्रेस कमिटी कार्यालय ललित आश्रम में जिलाध्यक्ष अमित कुमार टुन्ना के मार्गदर्शन में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि डॉ. राजीव कुमार काजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों की पीड़ा को साझा करने और उनकी मांगों के साथ खड़े हैं। छात्रों की गूंज महाअभियान कुंभकर्णी नींद में सोई हुई डबल इंजन की सरकार को जगाने के लिए चलाया जा रहा है। आगामी 11 जुलाई को पटना में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में बिहार के हजारों छात्र शामिल होंगे, जिसमें सीतामढ़ी जिला से भी बड़ी संख्या में छात्र नौजवान हिस्सा लेंगे।
प्रदेश प्रतिनिधि सह पूर्व यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष मो. शम्स शाहनवाज ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था आईसीयू में वेंटिलेटर पर है। शिक्षा व्यवस्था नहीं बल्कि वसूली तंत्र बन चुका है। मोदी सरकार छात्रों का भविष्य संवारने की बजाए उन्हें बर्बाद करने पर तुली हुई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं। उन्हें अविलंब इस्तीफा देना चाहिए।
मौके पर प्रदेश प्रतिनिधि अंजारुल हक तौहीद, पूर्व पार्षद आफताब अंजुम बिहारी, ताराकांत झा, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. रोहन गुप्ता, प्रो. राम प्रवेश कुशवाहा, सेवानिवृत शिक्षक बिकाऊ बैठा, महिला नगर अध्यक्ष ऋतु ठाकुर, वीरेंद्र कुशवाहा, उमा देवी आदि मुख्य रूप से मौजूद थीं।
*छात्रों पर बढ़ा बोझ*
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट सहित विभिन्न परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों एवं उनके परिवार पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा
है। प्रति छात्र औसत खर्च 6 लाख रुपए है। 22 लाख नीट छात्रों के परिवार का खर्च लगभग 1.32 लाख करोड़ है, जोकि पूरे देश के शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ के बराबर है।
