गर्लफ्रेंड के साथ घूमने और मौज-मस्ती के अलावा ऑनलाइन गेमिंग की लत ने 17 वर्षीय किशोर को इस कदर कर्जदार बना दिया कि उसने स्वजन से रुपये ऐंठने के लिए अपने ही अपहरण की साजिश रच डाली। पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। स्वजन को धमकाने के लिए चेन्नई के जंगलों में शव तलाशने जैसा मैसेज भी भेजा।

पारा पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से 48 घंटे में किशोर को सकुशल बरामद कर मामले का राजफाश कर दिया। पूछताछ में किशोर ने खुद ही अपहरण और फिरौती की झूठी साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने किशोर के खिलाफ विधिक कार्रवाई की है।

यह है पूरा मामला

डीसीपी पश्चिम जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पारा थाना क्षेत्र निवासी किशोर पहले अपने चाचा के घर रहता था। ऑनलाइन गेमिंग के दौरान वह लगातार कर्जदार होता गया। कई बार चाचा ने उसके कर्जदारों को रुपये भी दिए थे। इसकी शिकायत किशोर के पिता से भी की थी। परेशान होकर चाचा ने उसे अपने घर पर रखने से मना कर दिया।

इसके बाद स्वजन ने आलमबाग स्थित निजी संस्थान से नीट की तैयारी कर रहे किशोर को किराये पर कमरा दिला दिया। 20 अक्टूबर को किशोर रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद स्वजन ने 22 अक्टूबर को पारा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।

इसी बीच किशोर के भाई, मां, पिता, मामा और चाचा के वाट्सएप पर पांच लाख रुपये की फिरौती के मैसेज आने लगे। रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। बाद में चेन्नई के जंगलों में किशोर का शव तलाशने जैसा मैसेज भेजा गया। इससे स्वजन घबरा गए और पुलिस को सूचना दी।

बुआ की बेटी ने पैसे भेजे तो पुलिस ने दबोचा

पुलिस के मुताबिक, किशोर ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। दो दिन बाद दूसरे व्यक्ति के हाटस्पाट से इंटरनेट कनेक्ट कर स्वजन को फिरौती के मैसेज और वाट्सएप काल की। वहीं, बुआ की बेटी को मैसेज भेजकर कहा कि वह पता नहीं कहां आ गया है और उसके पास खाने तक के रुपये नहीं हैं। उसे बचाने की गुहार लगाई।

भावुक होकर बुआ की बेटी ने उसके बारकोड पर दो हजार रुपये भी ट्रांसफर कर दिए। ऑनलाइन भुगतान के जरिये सर्विलांस टीम ने किशोर की लोकेशन ट्रेस की और उसे सकुशल बरामद कर लिया। वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ दूसरे स्थान पर रह रहा था। गर्लफ्रेंड के साथ घूमने और मौज-मस्ती के लिए रुपये जुटाना उसका मकसद था।

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