उत्तर प्रदेश के बागपत में सरकारी योजनाओं के तहत लोन वितरण को लेकर प्रशासन की सख्ती का असर अब दिखने लगा है। केनरा बैंक शाखा पर ताला डाले जाने के बाद कमर्शियल बैंकों में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत ऋण वितरण में हल्की तेजी दर्ज की गई है।

हालांकि, निजी बैंकों की कार्यप्रणाली में अब भी कोई खास बदलाव नहीं देखा गया है। जानकारी के अनुसार, कई प्राइवेट बैंक इन योजनाओं के तहत आवेदन करने वाले लाभार्थियों के फॉर्म बिना उचित जांच-पड़ताल के ही निरस्त कर रहे हैं, जिससे आवेदकों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने गुरुवार को कड़ी कार्रवाई करते हुए केनरा बैंक की कलेक्ट्रेट शाखा पर ताला लगवा दिया था। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत ऋण वितरण में लापरवाही बरतने के आरोप में की गई थी।

प्रशासन की इस सख्ती के बाद सरकारी और कुछ निजी बैंकों में हलचल जरूर बढ़ी है, लेकिन निजी क्षेत्र के कई बैंक अब भी योजनाओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अन्य बैंक भी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को ऋण देने में आनाकानी करते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में पंजाब नेशनल बैंक की बागपत शाखा के अधिकारियों को भी चेतावनी जारी की गई है कि लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ भी ताला डालने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन की इस पहल को सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे जहां पात्र लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं बैंकों की जवाबदेही भी तय हो रही है।

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