इबोला वायरस को लेकर देशभर में जारी अलर्ट के बीच अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता बढ़ा दी गई है। विदेशों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और विशेष रूप से अफ्रीकी देशों से जुड़े यात्रियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार डायरेक्ट और कनेक्टेड उड़ानों से आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का तापमान जांचा जा रहा है। खासकर कांगो और युगांडा से जुड़े रूटों से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और एयरपोर्ट प्रशासन ने मिलकर एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
इबोला को लेकर हुई विशेष बैठक
इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए एयरपोर्ट डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक अहम बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न एयरलाइंस, कस्टम विभाग, एयरपोर्ट हेल्थ आर्गेनाइजेशन और सीआईएसएफ के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सभी एजेंसियों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यदि किसी भी यात्री में बुखार, कमजोरी या इबोला जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ आर्गेनाइजेशन को सूचित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर मेडिकल निगरानी भी बढ़ा दी है।
भरवाया जा रहा सेल्फ डिक्लेरेशन फार्म
जानकारी के अनुसार इबोला प्रभावित देशों से आने वाले सभी यात्रियों से सेल्फ डिक्लेरेशन फार्म भरवाया जा रहा है। इस फार्म में यात्रियों को अपनी यात्रा, स्वास्थ्य स्थिति और संपर्क संबंधी जानकारी देनी होगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे संदिग्ध मामलों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्टों पर निगरानी और स्क्रीनिंग को और सख्त किया गया है।
अभी तक नहीं मिला कोई केस
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि फिलहाल किसी भी संदिग्ध मरीज की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें बुखार या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो तो तुरंत मेडिकल टीम को जानकारी दें।
अमृतसर एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई सतर्कता के बाद स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर निगरानी और कड़ी किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
