गौरीगंज के बाहापुर में 3.69 करोड़ रुपये की लागत साइबर क्राइम थाना का निर्माण हो रहा है। दीपावली तक भवन का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद साइबर अपराध से जुड़ी शिकायत, तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्यों के परीक्षण और विवेचना की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

बाहापुर में 0.285 हेक्टेयर भूमि में बन रहे साइबर क्राइम थाने में साइबर लैब और डिजिटल फोरेंसिक कक्ष बनाया जा रहा है। यहां साइबर अपराध में इस्तेमाल या जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटाप, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच की जा सकेगी।डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने के साथ आनलाइन लेनदेन से जुड़े मामलों में डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल भी संभव होगी। इससे विवेचकों और साइबर विशेषज्ञों को जांच के लिए जरूरी तकनीकी संसाधन एक ही स्थान पर मिल सकेंगे।

पीड़ितों के लिए शिकायत व सहायता कक्ष

साइबर ठगी और आनलाइन अपराध के पीड़ितों की सुविधा के लिए शिकायत एवं सहायता कक्ष बनाया जा रहा है। यहां पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन से समन्वय में भी यह कक्ष महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साइबर ठगी के मामलों में बैंक और डिजिटल प्लेटफार्म से समय पर संपर्क स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

सर्वर रूम से मालखाने तक आधुनिक व्यवस्था

भवन में थाना प्रभारी, विवेचकों और साइबर विशेषज्ञों के लिए अलग-अलग कक्ष के साथ सम्मेलन कक्ष की व्यवस्था होगी। डिजिटल डाटा और नेटवर्क को सुरक्षित रखने के लिए सर्वर एवं डेटा रूम बनाया जा रहा है। संदिग्धों से पूछताछ के लिए सुरक्षित और निगरानी युक्त पूछताछ कक्ष भी तैयार किया जा रहा है।

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