जिलाधिकारी ने अपील की—सभी पात्र दिव्यांगजन UDID कार्ड बनवाएं; अधिकारियों को त्वरित,पारदर्शी एवं समयबद्ध कार्ड बनाने का सख्त निर्देश
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मधुबनी
19 सितंबर, 2026

दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं विभिन्न कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ सुगमतापूर्वक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Unique Disability ID (UDID) Card की व्यवस्था को जिले में प्रभावी एवं व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि UDID कार्ड दिव्यांगजनों की विशिष्ट पहचान के साथ-साथ उनकी दिव्यांगता से संबंधित प्रमाणिक जानकारी का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके माध्यम से दिव्यांगजनों को विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित होगी।
यह दिशा-निर्देश दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 तथा दिव्यांगजन अधिकार नियमावली, 2017 के प्रावधानों के अनुरूप है। UDID कार्ड एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से संबंधित पूरी प्रक्रिया को UDID पोर्टल—swavlambancard.gov.in के माध्यम से संचालित किया जाना है।

एकीकृत डिजिटल पहचान का महत्वपूर्ण माध्यम है UDID कार्ड
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UDID कार्ड का प्रमुख उद्देश्य देश के दिव्यांगजनों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना तथा प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को विशिष्ट पहचान उपलब्ध कराना है। इससे दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं पहचान संबंधी विवरण डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा। विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के दौरान दिव्यांगजनों की पहचान एवं पात्रता के सत्यापन में भी यह कार्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिले में पात्र दिव्यांगजनों को UDID कार्ड के महत्व की जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा उन्हें आवेदन की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग दिया जाए। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों तक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी या तकनीकी कठिनाई के कारण इस सुविधा से वंचित न रहे।

UDID पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
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UDID कार्ड एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन की प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑनलाइन है। आवेदक को UDID पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी, पहचान संबंधी विवरण एवं निर्धारित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।
जिन दिव्यांगजनों को ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई हो, उनके लिए सिविल सर्जन कार्यालय एवं निर्धारित अस्पतालों में UDID सहायता केंद्र के माध्यम से निःशुल्क सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे आवेदकों को आवेदन दर्ज करने, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने तथा आवेदन की स्थिति जानने में सहायता प्रदान की जाए।

मेडिकल बोर्ड द्वारा होगा दिव्यांगता का चिकित्सकीय मूल्यांकन
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ऑनलाइन आवेदन के बाद दिव्यांगता का चिकित्सकीय मूल्यांकन निर्धारित मेडिकल प्राधिकार/ मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाएगा। चिकित्सा मूल्यांकन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं UDID कार्ड जारी करने की कार्रवाई की जाएगी।

लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा का निर्देश
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जिलाधिकारी ने UDID से संबंधित सभी लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि आवेदन की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर लंबित मामलों की पहचान की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
UDID नोडल पदाधिकारी को पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। इसमें प्राप्त नए आवेदन, प्रारंभिक सत्यापन के लिए लंबित आवेदन, मेडिकल अथॉरिटी/मेडिकल बोर्ड स्तर पर लंबित आवेदन, चिकित्सा मूल्यांकन के बाद लंबित आवेदन तथा दिव्यांगता प्रमाण-पत्र/UDID कार्ड जारी होने के बाद लंबित मामलों की निगरानी शामिल है।

आवेदकों की सुविधा और पारदर्शिता पर विशेष जोर
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जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि किसी भी आवेदक को आवेदन की स्थिति जानने, प्रमाण-पत्र डाउनलोड करने अथवा अन्य सामान्य जानकारी प्राप्त करने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालय नहीं बुलाया जाए। आवेदन की वर्तमान स्थिति पोर्टल पर स्पष्ट एवं अद्यतन रखी जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी आवेदक के आवेदन में कोई कमी या आपत्ति पाई जाती है, तो सक्षम मेडिकल अथॉरिटी द्वारा निर्धारित प्रारूप में स्पष्ट रूप से कारण दर्ज किया जाए तथा आवेदक को इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह आवश्यक सुधार कर सके।

फर्जीवाड़े एवं अनधिकृत व्यक्तियों से सावधान रहने की अपील
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UDID कार्ड एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। सिविल सर्जन कार्यालय एवं सहायता केंद्र के परिसर में किसी अनधिकृत व्यक्ति, एजेंट या बिचौलिये द्वारा दिव्यांगजनों से संपर्क करने, दस्तावेज लेने अथवा किसी प्रकार की राशि मांगने की स्थिति में कडी कार्रवाई की जायेगी ।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि UDID से संबंधित कार्य निर्धारित सरकारी प्रक्रिया एवं अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही कराया जाए। आवेदकों से उनकी व्यक्तिगत जानकारी, पोर्टल लॉगिन, पासवर्ड अथवा OTP अनधिकृत व्यक्तियों के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई है।
UDID सहायता केंद्र एवं मेडिकल बोर्ड स्तर पर उपलब्ध सेवाओं तथा संबंधित प्रक्रिया की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। सहायता केंद्रों पर UDID आवेदन, पोर्टल संबंधी तकनीकी सहायता, आवेदन की स्थिति तथा आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित जानकारी उपलब्ध रहेगी।

जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने कहा कि UDID कार्ड दिव्यांगजनों की पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सहायक निदेशक विकलांगता को निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, संवेदनशील एवं समयबद्ध बनाया जाए, ताकि जिले के पात्र दिव्यांगजनों को UDID कार्ड प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो और वे अपने अधिकारों एवं पात्र सरकारी सुविधाओं का नियमानुसार लाभ प्राप्त कर सकें।

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