समाहरणालय सीतामढ़ी

जन संपर्क प्रशाखा

प्रेस विज्ञप्ति

दिनांक 19 फरवरी 2026

सीतामढ़ी में PCPNDT अधिनियम पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित,

लिंग परीक्षण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

डीएम ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों को दी सख्त चेतावनी लिंगानुपात सुधार को लेकर प्रशासन सख्त

नियम उल्लंघन पर पंजीयन रद्द करने की चेतावनी

PCPNDT अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु डीएम ने की समीक्षा बैठक सीतामढ़ी में भ्रूण हत्या रोकथाम पर जोर, दोषियों पर करावास व दंड की चेतावनी

जिला प्रशासन, सीतामढ़ी एवं महिला एवं बाल विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act (PCPNDT अधिनियम) पर एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने की। कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि आप सभी जिम्मेदार पदों पर आसीन हैं तथा लिंग निर्धारण एवं भ्रूण हत्या जैसे अवैध एवं अमानवीय कृत्यों में किसी भी प्रकार की संलिप्तता पूर्णतः अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि जिले में लिंगानुपात को संतुलित एवं सुधारना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र में लिंग परीक्षण अथवा भ्रूण हत्या जैसे कृत्य में संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित केंद्र का पंजीकरण तत्काल रद्द किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध करावास एवं आर्थिक दंड सहित विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसे न केवल कानून का उल्लंघन, बल्कि मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध बताया।

जिला पदाधिकारी ने तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में वे स्वयं स्थल पर उपस्थित होकर जांच सुनिश्चित करें। साथ ही, प्रत्येक केंद्र में प्रति माह किए जाने वाले अल्ट्रासाउंड की संख्या की जानकारी भी प्राप्त की गई। उन्होंने मातृत्व पंजी के नियमित संधारण की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं एएनएम को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को भी नियमित समीक्षा करने को कहा गया।

बैठक में लिंगानुपात में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की जिला पदाधिकारी द्वारा सराहना की गई। साथ ही, परिवार नियोजन के महत्व पर भी विशेष बल दिया गया।

कार्यशाला में डीपीओ आईसीडीएस श्रीमती निशि कांत ने बताया कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य PCPNDT अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना एवं जिले में संतुलित लिंगानुपात सुनिश्चित करना रहा। मौके पर सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डॉ. रविन्द्र कुमार यादव, सुधा झा, डीपीएम एजाजुल अंसारी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक मुकेश कुमार झा, राज्य के यूनिसेफ प्रतिनिधि सुधाकर, यूनिसेफ उड़ान परियोजना एवं प्रथम संस्था के जिला समन्वयक सुधीर कुमार, केंद्र प्रशासक शबनम कुमारी, डीएमसी देवजीत चक्रवर्ती, अदिति की निदेशक परिणीता कुमारी, माधुरी, बीआईएजी गौरव श्रीवास्तव, पिरामल के प्रतिनिधि अभिषेक एवं विकास कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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