उत्तर बिहार के जिलों में चक्रवात ‘अर्णब’ के अवशेषों और सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और पूसा स्थित राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर (शनिवार) को भी उत्तर बिहार के अधिकांश स्थानों पर चक्रवात ‘अर्णब’ का असर बना रहेगा।
इस दौरान आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ ही एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। खासकर मधुबनी और सीतामढ़ी जैसे सीमावर्ती जिलों में अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
तापमान और आर्द्रता के आंकड़े
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को उत्तर बिहार के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
वहीं, वातावरण में नमी का स्तर काफी अधिक बना हुआ है, जिसके तहत सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 90 प्रतिशत और दोपहर के समय घटकर 60 प्रतिशत दर्ज किए जाने का अनुमान है।
हवा की दिशा शुरुआत में पछुआ और बाद में पुरवा रहने की संभावना है।
वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात (Lightning) की घटना हो सकती है।
इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चलने के आसार हैं। खराब मौसम की इस स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बाढ़ को लेकर चेतावनी
मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। बिहार के पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी जिलों के कुछ जल-ग्रहण क्षेत्रों (watersheds) में अचानक बाढ़ (Flash Flood) का ‘कम से मध्यम’ जोखिम बना हुआ है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें। जहां संभव हो, जल्दी पकने वाली धान की फसल की तुरंत कटाई कर लें और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर या पॉलीथीन शीट से ढककर रखें।
