बुधवार को ढाका में तुराग नदी के पास बांग्लादेश वायु सेना के एक पूर्व अधिकारी का शव मिला। कुछ हफ्ते पहले ही उन्होंने एक पॉडकास्ट में उन आरोपों पर सवाल उठाए थे, जिनमें कहा गया था कि अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़कर भागने का वीडियो उन्होंने ही रिकॉर्ड और वायरल किया था।
हसीना सरकार के गिरने के लगभग एक साल बाद सौरी को सेवा से सेवानिवृत्त कर दिया गया था। उनकी मौत के बाद एक पॉडकास्ट इंटरव्यू फिर से चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने उन आरोपों पर बात की थी कि 5 अगस्त 2024 को हसीना के बांग्लादेश छोड़ने का फुटेज उन्होंने ही रिकॉर्ड करके फैलाया था।
आरोपों के बारे में पूर्व अधिकारी ने क्या कहा था?
‘ढाका ट्रिब्यून’ के अनुसार, इंटरव्यू के दौरान होस्ट ने एक मीडिया रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि हसीना के देश छोड़ने का फुटेज कुर्मीटोला हवाई अड्डे पर रिकॉर्ड किया गया था और इसे सौरी ने ही फैलाया था।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि उनका नाम बांग्लादेश वायु सेना के भीतर रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) की कथित संलिप्तता की जांच से जोड़ा गया था।
आरोपों का जवाब देते हुए, सौरी ने कहा कि रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट रिफत अशरफी ने वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे आगे फैलाया।
उन्होंने इस दावे के पीछे के सबूतों पर सवाल उठाया कि उन्होंने फुटेज शेयर की थी। उन्होंने कहा, ‘भले ही मैंने वीडियो रिकॉर्ड किया हो या उसे फैलाया हो, उनके पास इसका क्या सबूत है? मैं यही पूछना चाहता हूं।’
जब उनसे पूछा गया कि क्या इन आरोपों की वजह से उन्हें वायु सेना से निकाला गया, तो सौरी ने कहा कि ऐसा हो सकता है, लेकिन उन्होंने उस समय हुई घटनाओं का विवरण देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘मैं सब कुछ नहीं बता सकता, और कुछ ऐसी बातें हैं जिन पर मैं चर्चा नहीं कर सकता। मुझे लगता है कि उन्होंने इन आरोपों की वजह से ही ऐसा किया।’
हसीना के देश छोड़ने के वीडियो आरोपों पर बोले
सौरी ने यह भी कहा कि रिपोर्ट छपने के बाद उन्हें सामाजिक शर्मिंदगी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट की हेडलाइन और उसे पेश करने के तरीके ने पाठकों के बीच उनके बारे में एक गलत धारणा बना दी।
उन्होंने वायु सेना में RAW (रॉ) की मिलीभगत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘अगर मेरा RAW से कोई संबंध होता, तो मैं बांग्लादेश में क्यों होता? अगर मैं RAW से जुड़ा होता, तो मैं सार्वजनिक रूप से क्यों बोलता?’
उन्होंने इस आरोप को बेहद बेतुका दावा बताया। सौरी ने आगे दावा किया कि इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) निदेशालय ने कहा था कि उनकी ऐसी कोई संलिप्तता नहीं है।
हालांकि, इंटरव्यू के दौरान इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत दस्तावेज पेश नहीं किए गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने वायु सेना से निकाले जाने के खिलाफ कोई अपील की है, तो सौरी ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं किया है और वे यह भी नहीं जानते कि भविष्य में वे ऐसा करेंगे या नहीं। उन्होंने अपना पासपोर्ट रोके जाने पर भी नाराजगी जताई और इसे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
पूर्व ऑफिसर ने RAW संलिप्तता से किया था इनकार
सौरी के इस इंटरव्यू के बाद, सेना के जनसंपर्क निदेशालय (ISPR) ने 4 अगस्त, 2025 के अपने बयान को फिर से दोहराया। इसमें उन रिपोर्टों का खंडन किया गया था जिनमें कहा गया था कि सौरी और फ्लाइट लेफ्टिनेंट रिफत अशरफी के खिलाफ कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने हसीना के देश छोड़कर भागने का वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे शेयर किया था।
पॉडकास्ट के दौरान, सौरी ने 2024 की एक मीडिया रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि वे RAW के एजेंट हैं; उन्होंने इसे प्रोपगैंडा बताया। हांकी, उन्होंने वीडियो से अपने कथित संबंधों की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया।
सौरी के पिता, केएम करीम हेलाल ने पत्रकारों को बताया कि मंगलवार शाम को उनका एक परिचित, द्वीप, उनके बेटे को बाहर ले गया था। हेलाल ने कहा, ‘तहसीफ ने बुधवार तड़के करीब 1:30 बजे अपनी मां को एक संदेश भेजा, जिसमें उसने घर लौटने की बात कही थी। लेकिन वह कभी वापस नहीं आया।’
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने पत्रकारों से कहा कि वह शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर कोई टिप्पणी करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या सौरी ने ही वह वीडियो शूट किया था, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस बीच, हसीना के पूर्व सहयोगी अशरफुल आलम खोकन ने सवाल उठाया कि क्या मीडिया रिपोर्टों के ज़रिए सौरी को जानबूझकर निशाना बनाया गया था।
उन्होंने पूछा, ‘क्या मीडिया में तहसीफ को जानबूझकर RAW का एजेंट बताया गया, ताकि उसे मरवाया जा सके?’ उन्होंने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार का जिक्र करते हुए कहा, ‘हालांकि, उस समय उसकी गतिविधियां कथित तौर पर उन लोगों से जुड़ी थीं जिन्होंने जुलाई में सत्ता पर कब्ज़ा किया था।’
