सीतामढ़ी सदर अस्पताल ने नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अब तक संचालित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) को मदर-न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) में परिवर्तित कर दिया गया है। इसके साथ ही लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट (LMU) की भी शुरुआत 1 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी रिची पांडे द्वारा की गई। इसके साथ ही सीतामढ़ी सदर अस्पताल बिहार का पहला जिला अस्पताल बन गया है, जहां MNCU और LMU दोनों सुविधाएं एक साथ शुरू की गई हैं।

अब मां और नवजात रहेंगे साथ, रिकवरी होगी तेज

पहले SNCU में जन्म से 28 दिन तक के गंभीर या कुपोषित नवजात शिशुओं का इलाज रेडियंट वार्मर और फोटोथेरेपी मशीन की सहायता से किया जाता था, जबकि उनकी माताओं को अलग वार्ड में रखा जाता था।

अब भारत सरकार और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप रेडियंट वार्मर के साथ ही मां के लिए भी अलग बेड की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के तहत MNCU में मां और नवजात एक साथ रह सकेंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, कंगारू मदर केयर (KMC) के तहत मां और बच्चे के साथ रहने से नवजात की रिकवरी तेजी से होती है। इससे ऑक्सीटोसिन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे मां का दूध पर्याप्त मात्रा में आने लगता है और मां-बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत होता है। इसका सीधा लाभ नवजात के बेहतर स्वास्थ्य पर पड़ता है।

LMU में सुरक्षित रहेगा मां का दूध

सदर अस्पताल में शुरू किए गए लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट (LMU) का उद्देश्य उन नवजातों को मां का दूध उपलब्ध कराना है, जो जन्म के बाद किसी कारणवश स्वयं स्तनपान नहीं कर पाते।

इस यूनिट में मां का दूध निकालकर सुरक्षित तरीके से संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल में मिल्क एक्सप्रेशन एरिया, मिल्क स्टोरेज एरिया, स्टरलाइजेशन एरिया, डी-फ्रीजर, वॉश एरिया और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित तापमान में संरक्षित दूध नवजात को उपलब्ध कराया जा सके।

जल्द 20 बेड का होगा MNCU

MNCU के प्रभारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. हिमांशु शेखर ने बताया कि डॉक्टर अमजद, सौरभ, मिथुन, अंकुर और राहुल, डीएनबी प्रशिक्षु डॉक्टर अभय, नीतीश और मेहुल तथा नर्सिंग ऑफिसर शारदा, कविता, पल्लवी, मोनिका, विभा, अज़हर, खुशबू और अंजली की टीम के सामूहिक प्रयास से यह उपलब्धि संभव हो सकी है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में 12 बेड वाले MNCU को जल्द ही 20 बेड तक विस्तारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक नवजातों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

इस अवसर पर यूनिसेफ बिहार के डॉ. तारिक अहमद, डॉ. अंशुमान, सिविल सर्जन डॉ. रवींद्र कुमार यादव, उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार तथा अस्पताल प्रबंधक विजय चंद्र झा सहित कई अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version