सीतामढ़ी जिले में कस्टम मिल्ड राइस (CMR) आपूर्ति में अनियमितता सामने आने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में दो पैक्स में धान की कमी पाए जाने के बाद संबंधित पैक्सों के अध्यक्षों और प्रबंधकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार, खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के दौरान जिले की 208 पैक्स और 11 व्यापार मंडलों सहित कुल 219 समितियों ने 11,763 किसानों से 68,836.152 मीट्रिक टन धान की खरीद की थी। इसके एवज में 47,207.150 मीट्रिक टन कस्टम मिल्ड राइस (CMR) राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जाना था।
31 जुलाई 2026 तक राज्य खाद्य निगम, सीतामढ़ी को 44,735.605 मीट्रिक टन CMR की आपूर्ति की जा चुकी है। शेष आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने उन पैक्सों की जांच कराई, जहां निर्धारित समयसीमा के भीतर अपेक्षित मात्रा में चावल की आपूर्ति नहीं की गई थी।
जांच के दौरान सोनबरसा प्रखंड के कचौर पैक्स और डुमरा प्रखंड के मेहसौल गोट पैक्स में धान की कमी पाई गई। प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आने के बाद संबंधित सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों ने दोनों पैक्सों के अध्यक्षों एवं प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की।
प्रशासन के निर्देश पर कचौर पैक्स से जुड़े मामले में सोनबरसा थाना, जबकि मेहसौल गोट पैक्स के मामले में मेहसौल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले की आगे की जांच की जा रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान अधिप्राप्ति और CMR आपूर्ति से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
