गोल्डेन आवर में दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर दिया गया जोर

अस्पतालों में योजना से संबंधित होर्डिंग-बैनर लगाने तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों के भर्ती होने की सूचना डायल-112 पर देने का निर्देश
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मधुबनी,
24अक्टूबर 2026

जिला पदाधिकारी- सह- अध्यक्ष, सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशानुसार शनिवार को जिला परिवहन कार्यालय, मधुबनी में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के त्वरित उपचार, प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, सिविल सर्जन, मधुबनी, आयुष्मान योजना के नोडल पदाधिकारी सहित इम्पैनल्ड आयुष्मान अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के तुरंत बाद आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, उपचार के दौरान आर्थिक बाधाओं को दूर करना तथा प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रावधानों के संबंध में संबंधित अस्पतालों एवं पदाधिकारियों को जागरूक करना था।

बैठक में विशेष रूप से दुर्घटना के बाद के शुरुआती एक घंटे अर्थात् गोल्डेन आवर के महत्व पर जोर दिया गया। बताया गया कि इस अवधि में समय पर उपचार मिलने से गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है।
कार्यशाला में प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना की तिथि से प्रथम सात दिनों तक अधिकतम 1,50,000 रुपये (एक लाख पचास हजार रुपये) तक के कैशलेस उपचार की सुविधा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना तथा उपचार के लिए धन की व्यवस्था में होने वाली देरी से बचाना है। संबंधित अस्पतालों को निर्देश दिया गया कि योजना के प्रावधानों के अनुरूप पात्र दुर्घटना पीड़ितों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यशाला के दौरान इम्पैनल्ड अस्पतालों एवं सभी संबंधित डेजिग्नेटेड अस्पतालों में प्रधानमंत्री राहत योजना से संबंधित होर्डिंग एवं बैनर लगाने का निर्देश दिया गया, ताकि आम नागरिकों, दुर्घटना पीड़ितों एवं उनके परिजनों को योजना की जानकारी आसानी से मिल सके। इसके साथ ही अस्पतालों में सड़क दुर्घटना के घायलों के भर्ती होने की सूचना डायल-112 पर देने का निर्देश दिया गया, जिससे संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से सरकारी एवं निजी एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि दुर्घटना की सूचना मिलने पर एम्बुलेंस सेवा त्वरित रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि घायल व्यक्तियों को बिना अनावश्यक विलंब के निकटतम उपयुक्त अस्पताल पहुंचाया जा सके।
कार्यशाला में उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं अस्पताल प्रतिनिधियों से प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा इसके क्रियान्वयन में आवश्यक तत्परता बरतने की अपेक्षा की गई। साथ ही सड़क सुरक्षा के प्रति आम लोगों को जागरूक करने एवं दुर्घटना की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।
जिला परिवहन कार्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यशाला के माध्यम से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में संबंधित विभागों और अस्पतालों की भूमिका को रेखांकित किया गया। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के जीवन की रक्षा करना तथा उन्हें सरकारी योजना के तहत उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराना है।

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