संपूर्णता अभियान 1.0 की ऐतिहासिक सफलता के बाद सीतामढ़ी में संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ
नीति आयोग (भारत सरकार) द्वारा संचालित संपूर्णता अभियान 1.0 में सीतामढ़ी जिला ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की थी। जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय के कुशल नेतृत्व, सभी विभागों के सशक्त समन्वय तथा पीरामल फाउंडेशन के प्रभावी तकनीकी सहयोग से सीतामढ़ी ने जिला एवं प्रखंड स्तर पर निर्धारित सभी सूचकांकों में पूर्ण संतृप्तता हासिल कर देश के अग्रणी जिलों में अपना स्थान बनाया था।
नीति आयोग (भारत सरकार) द्वारा संपूर्णता अभियान 2.0 की शुरुआत की गई, जिसका शुभारंभ सीतामढ़ी जिला अंतर्गत आकांक्षी प्रखंड बैरगनिया में किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी श्री रिची पाण्डेय के निर्देश पर उपविकास आयुक्त संदीप कुमार, जिला योजना पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी आकांक्षी जिला एवं प्रखंड संतोष कुमार सुमन, स्थानीय प्रखंड प्रमुख सुकेश्वरी देवी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार गौड़ एवं पीरामल फाउंडेशन की टीम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। पीरामल फाउंडेशन की ओर से प्रभाकर कुमार, रोहित कुमार तथा गांधी फेलो विवेक कुमार और दिव्या चौहान की सक्रिय सहभागिता रही।
इस अवसर पर उपविकास आयुक्त संदीप कुमार ने बताया कि नीति आयोग द्वारा देश के 112 जिलों एवं 513 प्रखंडों को विभिन्न सामाजिक-आर्थिक एवं विकासात्मक सूचकांकों के आधार पर आकांक्षी घोषित किया गया है। इन जिलों एवं प्रखंडों से सरकार की अपेक्षा है कि अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, कौशल विकास सहित आवश्यक सेवाएं समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएं।
जिला योजना पदाधिकारी संतोष कुमार सुमन ने कहा कि आकांक्षी जिला एवं प्रखंड की श्रेणी से बाहर निकलने के लिए नवाचार, कुशल नेतृत्व एवं लक्ष्य आधारित रणनीति के साथ कार्य करना आवश्यक है।
वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार गौड़ ने इसे विकास का एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि इससे विभागवार कमियों की पहचान कर ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार ने बताया कि संपूर्णता अभियान 2.0 का मुख्य उद्देश्य जन स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना, महिला सशक्तिकरण, टिकाऊ कृषि, उन्नत पशुपालन एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों को गति देना है।
“संपूर्णता अभियान 2.0” अभियान के तहत जिला स्तर पर 5 प्रमुख सूचकांक तथा आकांक्षी प्रखंड स्तर पर 6 सूचकांक निर्धारित किए गए हैं। नीति आयोग द्वारा सभी जिलों एवं प्रखंडों को इन सूचकांकों में पूर्ण संतृप्तता प्राप्त करने का लक्ष्य दिया गया है।
बैठक के दौरान समन्वय, सतत निगरानी एवं लक्ष्य आधारित कार्ययोजना पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने संपूर्णता अभियान 2.0 की सफलता हेतु शपथ लिया
” सभी निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध एवं प्रभावी प्राप्ति, अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा टीम भावना के साथ कार्य करते हुए प्रखंड को समावेशी, सशक्त एवं विकसित बनाया जाएगा।”
साथ ही फाइलेरिया नियंत्रणार्थ आगामी 10 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले”सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम” के सफलता और स्वास्थ्य विभाग (बिहार सरकार) द्वारा “मेगा अभियान” जो कि 11 फरवरी 2026 को प्रस्तावित है जिसमें पूरे बिहार राज्य से कुल 1 करोड़ लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है) में सभी विभागों के सहयोग की अपील की गई और दवा का सेवन को लेकर बताया गया।
