मधुबनी, 11 सितंबर 2026। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की प्रबंधन समिति की बैठक शुक्रवार को संयुक्त कृषि भवन, मधुबनी में आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग के पदाधिकारियों, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों, आत्मा प्रबंधन समिति के सदस्यों और प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।

बैठक की शुरुआत जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, आत्मा सुदामा ठाकुर ने उपस्थित अधिकारियों और वैज्ञानिकों का स्वागत करते हुए की। इसके बाद उन्होंने वित्तीय वर्ष के दौरान आत्मा की ओर से किए गए विभिन्न कार्यों और आगामी प्रस्तावित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी समिति के सदस्यों के समक्ष रखी।

जिला कृषि पदाधिकारी ने कृषि तकनीकों और विभागीय योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने और नई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग के लिए जागरूक करने की आवश्यकता बताई।

मखाना किसानों के लिए मछली पालन का सुझाव

बैठक में जिला मत्स्य पदाधिकारी ने मखाना की खेती करने वाले किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव साझा किया। उन्होंने बताया कि मखाना की हार्वेस्टिंग के बाद तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

इससे एक ओर उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी विकसित किया जा सकता है। बैठक में इस दिशा में किसानों को प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

जलकुम्भी से जैविक खाद बनाने की तकनीक पर चर्चा

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक ने जलकुम्भी से जैविक खाद तैयार करने की तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि इस तकनीक को आत्मा की ओर से आयोजित प्रशिक्षण, प्रदर्शन और अन्य किसानोन्मुखी कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाए।

इस पहल के जरिए जलकुम्भी जैसी समस्या को उपयोगी जैविक संसाधन में बदलने के साथ किसानों को जैविक खाद के विकल्प से भी जोड़ा जा सकता है।

प्रगतिशील किसानों से लिए गए सुझाव

बैठक के दौरान उपस्थित प्रगतिशील किसानों से भी कृषि क्षेत्र से जुड़े उनके अनुभव और सुझाव लिए गए। किसानों ने स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली कृषि संबंधी समस्याओं, नई तकनीकों और आत्मा के कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर अपने विचार साझा किए।

प्राप्त सुझावों को किसानों के हित में आगामी कार्यक्रमों और गतिविधियों में शामिल करने को लेकर भी चर्चा की गई।

बैठक के समापन पर जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, आत्मा सुदामा ठाकुर ने सभी पदाधिकारियों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक आत्मा सुदामा ठाकुर के अलावा जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र बसैठ, कृषि विज्ञान केंद्र सुखेत के वैज्ञानिक, धान अनुसंधान उपकेंद्र के वैज्ञानिक तथा जिले के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

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