मधुबनी। जिले के खजौली प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय मकुनमा के परिसर में कथित तौर पर अश्लील गानों पर आर्केस्ट्रा और डांस कार्यक्रम आयोजित किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। वायरल वीडियो की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के बाद खजौली थाने में पांच नामजद सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कांड संख्या 251/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी 15 सितंबर 2026 को दर्ज की गई। पुलिस ने नामजद आरोपितों के खिलाफ लाउडस्पीकर एक्ट, 1955 और BNSS की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

पांच लोगों को किया गया नामजद

मामले में बेचन राम, पिता जीवहराम; किशुन राम, पिता नन्दा राम; रतीश राम, पिता जोगीराम; दुर्गेश राम, पिता जगदीश राम और मुकेश राम, पिता जगदीश राम को नामजद किया गया है। इनके अलावा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्रशासन की ओर से मामले की जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

वायरल वीडियो से प्रशासन को मिली जानकारी

बताया गया कि 15 सितंबर 2026 को प्राथमिक विद्यालय मकुनमा के परिसर में आर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में विद्यालय परिसर में अश्लील गानों पर डांस कार्यक्रम होने की बात सामने आई।

मामला जिलाधिकारी आनंद शर्मा के संज्ञान में आते ही उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके बाद विद्यालय के प्रधान शिक्षक संजय कुमार मंडल ने खजौली थाने को लिखित सूचना दी और मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया।

प्रधान शिक्षक के आवेदन के अनुसार, उन्हें 15 सितंबर की सुबह करीब 8 बजे विद्यालय परिसर में आयोजित आर्केस्ट्रा कार्यक्रम से संबंधित वायरल वीडियो की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने थाना अध्यक्ष को आवेदन देकर वीडियो की जांच और उचित कार्रवाई का आग्रह किया।

सरकारी संस्थानों की गरिमा से समझौता नहीं: DM

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिले के सभी सरकारी कार्यालयों और संस्थानों का संचालन निर्धारित नियमों, सरकारी प्रोटोकॉल और मर्यादा के अनुसार होना चाहिए। सरकारी विद्यालय और अन्य सार्वजनिक संस्थान जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण संस्थान हैं, इसलिए इनके परिसरों का अनधिकृत या अनुचित गतिविधियों के लिए इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी बाहरी या असामाजिक तत्व द्वारा सरकारी परिसर में बिना अनुमति प्रवेश कर किसी कार्यक्रम का आयोजन करना और सरकारी संस्थान की गरिमा एवं निर्धारित प्रोटोकॉल के विपरीत आचरण करना गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

विद्यालय परिसरों के अनधिकृत इस्तेमाल पर सख्ती

जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी विद्यालयों और अन्य सरकारी संस्थानों की सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित की जाए। किसी भी सरकारी परिसर का उपयोग सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना निजी या मनोरंजनात्मक कार्यक्रमों के लिए नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर मुख्य रूप से शिक्षण और विद्यार्थियों से जुड़ी गतिविधियों के लिए निर्धारित होते हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने का भी निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी संपत्ति और संस्थानों की गरिमा बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकारी परिसरों के अनधिकृत उपयोग, अनुशासनहीनता या निर्धारित प्रोटोकॉल के विरुद्ध किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version