बिहार में चुनावी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के संगठन में समीक्षा और मंथन का दौर शुरू हो गया है। पार्टी ने चुनावी नतीजों के कारणों को समझने और संगठन की मौजूदा स्थिति का आकलन करने की तैयारी की है। इसी सिलसिले में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और बिहार प्रभारी हरीश द्विवेदी शनिवार को पटना पहुंचे। यहां वे प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों से लेकर सरकार में शामिल नेताओं और विधायकों के साथ बैठक कर फीडबैक लेंगे। इसके अलावा वे भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा यानी आरके सिन्हा के अंतिम दर्शन भी करेंगे।

दरअसल, बिहार विधान परिषद के हालिया चुनावों में भाजपा को पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भी पार्टी को हार मिली थी। लगातार चुनावी झटकों के बाद भाजपा संगठन इन नतीजों की समीक्षा करना चाहता है। पार्टी के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव के दौरान किन परिस्थितियों में नतीजे उसके पक्ष में नहीं आए और संगठन के स्तर पर किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।

हरीश द्विवेदी बिहार प्रभारी का दायित्व संभालने के बाद पहली बार पटना में प्रदेश संगठन के नेताओं के साथ इस स्तर पर बैठक कर रहे हैं। शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में उनकी बैठक प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों के साथ प्रस्तावित है। इस दौरान संगठन की गतिविधियों, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, चुनावी तैयारियों और जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति का फीडबैक लिया जाएगा।

इसके बाद शाम को भाजपा विधानमंडल दल की बैठक होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पार्टी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और राज्य सरकार में शामिल मंत्री हिस्सा लेंगे। बैठक में संगठन और सरकार के बीच समन्वय, चुनावी नतीजों की समीक्षा और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

गौरतलब है कि भाजपा ने सितंबर 2026 में हरीश द्विवेदी को बिहार का प्रभारी नियुक्त किया था। वे पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री भी हैं। इससे पहले वे असम में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब बिहार में उनकी भूमिका संगठन को मजबूत करने और पार्टी की गतिविधियों को गति देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वहीं, हरीश द्विवेदी के पटना दौरे का एक दूसरा महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी है। वे भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा को श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे। आरके सिन्हा का 30 अक्टूबर को नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया था। उनके निधन की जानकारी उनके पुत्र और भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा ने दी थी।

आरके सिन्हा का पार्थिव शरीर दिल्ली से पटना लाया गया है। शनिवार सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में उनके अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई है। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा दीघा घाट के लिए रवाना होने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

आरके सिन्हा राजनीति के साथ-साथ पत्रकारिता और उद्योग जगत में भी सक्रिय रहे। वे भाजपा के शुरुआती दौर के नेताओं में शामिल थे और 2014 से 2020 तक राज्यसभा सांसद रहे। इसके अलावा उन्होंने एसआईएस ग्रुप की स्थापना कर सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई।

इस तरह हरीश द्विवेदी का पटना दौरा दो महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से जुड़ा है। एक ओर भाजपा संगठन चुनावी नतीजों की समीक्षा कर आगे की रणनीति तैयार करने में जुटा है, तो दूसरी ओर पार्टी के वरिष्ठ नेता आरके सिन्हा को श्रद्धांजलि देने के लिए राजनीतिक जगत की हस्तियां पटना पहुंच रही हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि संगठन की बैठकों में मिले फीडबैक के आधार पर बिहार भाजपा आगे क्या कदम उठाती है।

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